Baramati Plane Crash : बारामती विमान हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। Rohit Pawar ने रिपोर्ट में कई खामियों का दावा करते हुए इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच में कई ऐसी बातें सामने आई हैं जो वास्तविक घटनाक्रम से मेल नहीं खातीं। रोहित पवार ने यह भी आरोप लगाया कि रिपोर्ट के जरिए कुछ जिम्मेदार पक्षों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, पूरे मामले की निष्पक्षता को लेकर अब गंभीर संदेह पैदा हो गया है।
बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से रिपोर्ट के अलग-अलग हिस्सों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बताया कि दुर्घटना से जुड़ी कई तकनीकी जानकारियां और घटनाक्रम रिपोर्ट में अलग तरीके से पेश किए गए हैं।
Baramati Plane Crash
पवार का कहना था कि इन असंगतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने खास तौर पर चार्टर कंपनी VSR Ventures और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी Directorate General of Civil Aviation के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में एक चार्टर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो बैठा और क्रैश हो गया। हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी। इनमें महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ा बड़ा नाम भी शामिल था, जिससे यह दुर्घटना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई। विमान Learjet मॉडल का था और इसे वीएसआर वेंचर्स संचालित कर रही थी।
क्रैश सीक्वेंस पर उठे नए सवाल
जांच रिपोर्ट में बताया गया था कि विमान पहले पेड़ों से टकराया और उसके बाद जमीन पर गिरा। लेकिन रोहित पवार का दावा है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां आसपास कोई बड़े पेड़ मौजूद नहीं हैं। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि विमान बाईं ओर झुकते हुए गिरता दिखाई देता है, जबकि रिपोर्ट में दाईं तरफ झुकने की बात कही गई है। इस अंतर को लेकर उन्होंने जांच एजेंसी से स्पष्टीकरण मांगा है।
ब्लैक बॉक्स को लेकर भी विवाद
विवाद का एक और बड़ा मुद्दा विमान का ब्लैक बॉक्स है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर को अत्यधिक गर्मी से नुकसान पहुंचा है। लेकिन रोहित पवार ने मलबे से मिले उपकरणों की तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि उनमें ऐसा कोई स्पष्ट नुकसान दिखाई नहीं देता। विमानन विशेषज्ञ Amit Singh ने भी कहा कि बाहरी रूप से जलने या पिघलने जैसी निशानियां दिखाई नहीं देतीं, हालांकि अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक जांच से ही संभव है।
फैसलों पर उठे सवाल
रोहित पवार ने उड़ान से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर मौसम खराब था और दृश्यता न्यूनतम सीमा से कम थी, तो विमान को बारामती उतरने की अनुमति क्यों दी गई। उनके मुताबिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ऐसी स्थिति में विमान को किसी अन्य एयरपोर्ट की ओर मोड़ना चाहिए था। इसके अलावा फ्लाइट प्लान में देर से बदलाव, क्रू में आखिरी समय में परिवर्तन और जरूरत से ज्यादा ईंधन भरने जैसे मुद्दों की भी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
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