Bank News : साल 2025 गुजर चुका है, लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव अब भी बना हुआ है। महंगाई, युद्ध जैसे जियोपॉलिटिकल तनाव, राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी दुनिया के बड़े सेंट्रल बैंक मजबूती से खड़े नजर आए। इसका सबसे बड़ा संकेत उनकी बैलेंस शीट में लगातार बढ़ोतरी है। यह दिखाता है कि तमाम चुनौतियों के बावजूद केंद्रीय बैंकों का वित्तीय सिस्टम पर नियंत्रण कमजोर नहीं पड़ा है।
बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS) ने नवंबर 2025 में कुल एसेट्स के आधार पर दुनिया के सबसे बड़े सेंट्रल बैंकों की सूची जारी की। यह लिस्ट बताती है कि कौन से बैंक वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में सबसे ज्यादा ताकत रखते हैं और किसके फैसले पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करते हैं।
Bank : पहले पायदान पर यूरोपियन सेंट्रल बैंक
इस रैंकिंग में यूरो एरिया का यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) सबसे ऊपर रहा। अक्टूबर 2025 तक ECB के पास करीब 7.13 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति थी। यह आंकड़ा साफ करता है कि यूरो जोन की मौद्रिक नीति और वित्तीय संसाधन कितने विशाल स्तर पर संचालित हो रहे हैं।
दूसरा और तीसरा
दूसरे स्थान पर पीपल्स बैंक ऑफ चाइना रहा, जिसकी कुल संपत्ति 6.62 ट्रिलियन डॉलर दर्ज की गई। इसके ठीक पीछे अमेरिका का फेडरल रिजर्व है, जिसके पास 6.59 ट्रिलियन डॉलर के एसेट्स हैं। इन तीनों सेंट्रल बैंकों के पास मिलकर दुनिया के सभी केंद्रीय बैंकों की आधे से ज्यादा संपत्तियां हैं।
चौथा स्थान
चौथे स्थान पर स्विट्जरलैंड का सेंट्रल बैंक है, जो अपनी छोटी आबादी के बावजूद 1.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की संपत्ति संभाले हुए है। यह दिखाता है कि विकसित अर्थव्यवस्थाएं वित्तीय अनुशासन और मजबूत नीतियों के दम पर कैसे वैश्विक स्तर पर प्रभाव बनाए रखती हैं। जहां विकसित देश इस सूची में हावी हैं, वहीं उभरती अर्थव्यवस्थाएं भी तेजी से अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं।
RBI की वैश्विक पहचान
भारतीय रिजर्व बैंक इस सूची में सातवें स्थान पर है। RBI के पास करीब 911 बिलियन डॉलर की संपत्ति है, जो भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और मजबूत मौद्रिक प्रबंधन को दर्शाती है। RBI के ठीक बाद ब्राजील का सेंट्रल बैंक आता है, जिसकी कुल संपत्ति लगभग 898 बिलियन डॉलर है।
देखें लिस्ट
| रैंक | केंद्रीय बैंक का नाम | संपत्ति | देश |
|---|---|---|---|
| 1 | यूरोपीय सेंट्रल बैंक | 7.13 ट्रिलियन डॉलर | यूरोप |
| 2 | पीपल्स बैंक ऑफ चाइना | 6.62 ट्रिलियन डॉलर | चीन |
| 3 | फेडरल रिजर्व | 6.59 ट्रिलियन डॉलर | अमेरिका |
| 4 | बैंक ऑफ जापान | 4.51 ट्रिलियन डॉलर | जापान |
| 5 | स्विस नेशनल बैंक | 1.10 ट्रिलियन डॉलर | स्विट्जरलैंड |
| 6 | बैंक ऑफ इंग्लैंड | 1 ट्रिलियन डॉलर | यूके |
| 7 | रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया | 911.4 अरब डॉलर | भारत |
| 8 | सेंट्रल बैंक ऑफ ब्राजील | 898.2 अरब डॉलर | ब्राजील |
| 9 | मॉनेटरी अथॉरिटी | 610 अरब डॉलर | सिंगापुर |
| 10 | हांगकांग मॉनेटरी अथॉरिटी | 533.6 अरब डॉलर | हांगकांग |
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