Bank : डिजिटल दौर में चाय से लेकर किराने तक का भुगतान अब यूपीआई से होने लगा है। कुछ सेकंड में हजारों रुपये ट्रांसफर हो जाते हैं, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि खाते में पर्याप्त बैलेंस होने के बावजूद पेमेंट अटक जाती है। ऐप बार-बार ट्रांजैक्शन फेल दिखाता है और समझ नहीं आता कि दिक्कत कहां है। ऐसे मामलों में अक्सर वजह बैंक खाते की थ्रेसहोल्ड लिमिट निकलती है।
दरअसल, हर बैंक अपने ग्राहकों के लिए सालाना या तय अवधि की एक ट्रांजैक्शन सीमा तय करता है। यह सीमा खाते के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। सैलरी अकाउंट, बचत खाता या संस्थागत खाते की लिमिट एक जैसी नहीं होती। जब तय सीमा पूरी हो जाती है, तो आगे यूपीआई के जरिए भुगतान रुक जाता है, भले ही खाते में पैसा मौजूद हो।
Bank खाते में पैसा फिर भी UPI फेल?
अगर आपका खाता Punjab National Bank में है तो नियम थोड़ा अलग है। लिमिट पूरी होने के बाद भी शुरुआती तीन दिनों तक प्रतिदिन 5,000 रुपये तक निकासी या ट्रांसफर की सुविधा मिलती है। इसके बाद यह विकल्प भी बंद हो जाता है। ऐसे में ग्राहक असमंजस में पड़ जाते हैं कि अचानक लेनदेन क्यों रुक गया। यदि समस्या थ्रेसहोल्ड लिमिट से जुड़ी है तो इसका समाधान ऑनलाइन संभव नहीं होता, खासकर सरकारी बैंकों में। ग्राहक को शाखा में जाकर लिमिट बढ़ाने का आवेदन फॉर्म भरना पड़ता है। फॉर्म के साथ पैन कार्ड, आधार कार्ड और पासबुक की प्रति जमा करनी होती है। बैंक अधिकारी दस्तावेजों की जांच कर प्रक्रिया आगे बढ़ाते हैं।
कितने दिन में फिर से चालू होगा UPI?
- फॉर्म जमा करने के बाद आमतौर पर एक से दो कार्यदिवस में लिमिट अपडेट हो जाती है। हालांकि यदि बीच में शनिवार या रविवार पड़ जाए तो प्रक्रिया में थोड़ा समय लग सकता है। ऐसे में मंगलवार तक इंतजार करना पड़ सकता है।
- अगर फिर भी दिक्कत बनी रहे तो बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर स्थिति स्पष्ट करना बेहतर होता है।
- डिजिटल पेमेंट की सुविधा जितनी आसान है, उसके नियम भी उतने ही अहम हैं। थ्रेसहोल्ड लिमिट की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि जरूरत के वक्त पेमेंट अटकने की परेशानी से बचा जा सके।
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