Big statement by Assam CM Himanta Biswa Sarma : कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में अर्जेंटीना के सुपरस्टार लियोनेल मेसी की झलक पाने के लिए भारी भीड़ जुटी थी, लेकिन महंगी टिकट खरीदने के बावजूद दर्शकों को उनका दर्शन नहीं हो पाया। कथित VIP कल्चर और सुरक्षा व्यवस्था की खराबी के कारण मेसी केवल 20 मिनट के लिए स्टेडियम में मौजूद रहे, और अधिकारियों एवं नेताओं ने उन्हें पूरी तरह घेर रखा। मेसी के जाते ही दर्शक बेकाबू हो गए। उन्होंने पिच पर टेबल, कुर्सी और प्लास्टिक की बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को बल का सहारा लेना पड़ा।
अब इस घटना ने राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है। पश्चिम बंगाल के गवर्नर सीवी आनंद बोस ने बताया कि स्टेडियम में हुई अराजकता के बाद इवेंट के आयोजक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
Assam के CM बिस्वा ने साधा निशाना
वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में VIP कल्चर इतना अधिक है कि आम जनता को उनकी पसंदीदा हस्तियों को देखने का मौका तक नहीं मिलता। सरमा ने ममता सरकार की आलोचना करते हुए गृह मंत्री और कोलकाता पुलिस कमिश्नर की गिरफ्तारी की मांग की। हिमंता सरमा ने उदाहरण देते हुए कहा, “गुवाहाटी में जुबीन गर्ग की मौत के बाद 10 करोड़ से ज्यादा लोग सड़क पर थे, लेकिन वहां किसी तरह की अफरातफरी नहीं हुई। मुंबई में महिला विश्व कप फाइनल भी शांतिपूर्ण रहा। लेकिन बंगाल में स्थिति अलग है।”
आलोचना जारी
इवेंट के आयोजक की गिरफ्तारी के बाद भीड़ पर कुछ हद तक काबू पाया गया, लेकिन सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर इस घटना की आलोचना जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आयोजन की तैयारी में आम दर्शकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर ध्यान दिया जाता, तो हंगामा रोका जा सकता था। बता दें कि कोलकाता में मेसी के स्टेडियम विजिट ने केवल फुटबॉल प्रेमियों की उम्मीदों को तोड़ा ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल सरकार की सुरक्षा व्यवस्था और VIP कल्चर की खामियों को भी उजागर कर दिया है।
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