Anil Ambani : रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी से जुड़े कथित बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। Enforcement Directorate ने उन्हें दोबारा समन जारी कर 26 फरवरी 2026 को Delhi स्थित मुख्यालय में पेश होने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान करीब नौ घंटे तक सवाल-जवाब का दौर चला। अधिकारियों ने वित्तीय लेन-देन, लोन के उपयोग और संबंधित कंपनियों के बीच फंड ट्रांसफर को लेकर विस्तार से जानकारी जुटाई। इससे पहले अगस्त 2025 में भी उनसे इसी मामले में पूछताछ की गई थी।
पूछताछ से ठीक एक दिन पहले एजेंसी ने बड़ा कदम उठाते हुए Mumbai के पाली हिल इलाके में स्थित उनके लग्जरी आवास ‘अबोड’ को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई।
Anil Ambani को दूसरा समन
करीब 3,716 करोड़ रुपये कीमत आंकी गई इस संपत्ति के अटैच होने के बाद समूह की कुल जब्त संपत्तियों का आंकड़ा 15,700 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों के आधार पर यह कदम जरूरी पाया गया। जांच का केंद्र बिंदु Reliance Communications से जुड़े करीब 40,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक फ्रॉड का मामला है। आरोप है कि विभिन्न बैंकों से लिए गए कर्ज की राशि का इस्तेमाल तय शर्तों के मुताबिक नहीं हुआ। इसमें State Bank of India और Yes Bank समेत कई वित्तीय संस्थानों का नाम सामने आया है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि फंड को संबंधित संस्थाओं और विदेशी खातों में डायवर्ट किया गया। साथ ही चीनी राज्य बैंकों से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के एक्सपोजर की भी पड़ताल जारी है।
CBI की एफआईआर से शुरू हुई जांच
यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच 2019 में दर्ज एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ी, जिसे Central Bureau of Investigation ने दर्ज किया था। बाद में ईडी ने केस संभालते हुए विशेष जांच टीम गठित की। सूत्र बताते हैं कि मामले की निगरानी उच्च स्तर पर हो रही है और Supreme Court of India के निर्देशों के बाद जांच को और व्यापक दायरे में लिया गया है।
शुक्रवार को फिर पेशी
सूत्रों के अनुसार, 27 फरवरी को यस बैंक से जुड़े एक अलग लोन फ्रॉड मामले में फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है। लगातार हो रही कार्रवाई ने कॉरपोरेट जगत में हलचल बढ़ा दी है। बड़े वित्तीय मामलों में एजेंसियों की सख्ती और हाई-प्रोफाइल नामों पर हो रही कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और कारोबारी हलकों में चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में जांच किस दिशा में बढ़ेगी, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है।
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