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Air India पर जंग का असर, 2500 से ज्यादा उड़ानें रद्द; ईंधन महंगा

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Air India : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब विमानन क्षेत्र पर भी साफ दिखाई देने लगा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि Air India को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Campbell Wilson ने बताया कि संघर्ष की स्थिति शुरू होने के बाद से अब तक 2500 से ज्यादा उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। इसके कारण एयर इंडिया इस रूट पर अपनी सामान्य क्षमता के लगभग 30 प्रतिशत पर ही संचालन कर पा रही है। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के चलते कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र को सीमित कर दिया है या उड़ानों पर पाबंदियां लगा दी हैं। सुरक्षा कारणों से एयरलाइंस को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं।

इसका सीधा असर उड़ानों के समय और लागत पर पड़ रहा है। एयर इंडिया के मुताबिक, इन प्रतिबंधों के कारण कई निर्धारित उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों और एयरलाइन दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Air India पर जंग का असर

संघर्ष का असर केवल उड़ानों तक सीमित नहीं है, बल्कि ईंधन की लागत भी तेजी से बढ़ गई है। Air India के सीईओ ने बताया कि मौजूदा हालात के चलते जेट ईंधन की कीमतें दोगुनी से भी अधिक हो चुकी हैं। इससे एयरलाइन के परिचालन खर्च में भारी बढ़ोतरी हुई है। विमानन उद्योग में ईंधन पहले से ही सबसे बड़ा खर्च माना जाता है और कीमतों में यह उछाल कंपनियों के लिए नई चुनौती बन गया है। वर्तमान हालात में कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को पहले की तुलना में ज्यादा लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है। ब्रिटेन, यूरोप और उत्तरी अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स को वैकल्पिक मार्गों से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे उड़ानों का समय बढ़ गया है और विमान को अधिक ईंधन खर्च करना पड़ रहा है। एयरलाइन के अनुसार यह स्थिति पिछले साल की सुरक्षा घटनाओं के बाद से पहले ही जटिल थी, जिसे मौजूदा तनाव ने और कठिन बना दिया है।

टिकटों पर लगाया गया ईंधन अधिभार

बढ़ती लागत को देखते हुए एयरलाइन ने नए टिकटों पर ईंधन अधिभार लागू कर दिया है। इसका मकसद बढ़ते खर्च का कुछ हिस्सा वसूल करना है। एयरलाइन प्रबंधन का कहना है कि इस संकट का असली असर आने वाले महीनों में ज्यादा महसूस होगा, क्योंकि संचालन लागत लगातार बढ़ती जा रही है। एयरलाइंस के सामने एक और चुनौती है। सीईओ का कहना है कि टिकट की कीमतें अनिश्चित रूप से नहीं बढ़ाई जा सकतीं, क्योंकि यात्रियों की मांग भी एक सीमा तक ही रहती है। अगर किराया बहुत ज्यादा बढ़ा दिया गया तो यात्रियों की संख्या कम हो सकती है। इसलिए एयरलाइन को बढ़ती लागत और यात्रियों की क्षमता के बीच संतुलन बनाना पड़ रहा है।

लगातार रद्द हो रही उड़ानों और बदले हुए मार्गों के कारण एयर इंडिया का पूरा नेटवर्क प्रभावित हुआ है। कई फ्लाइट्स का शेड्यूल बार-बार बदलना पड़ रहा है। एयरलाइन प्रबंधन का कहना है कि इस कठिन समय में संचालन टीम, एयरपोर्ट स्टाफ, कॉल सेंटर और फ्लाइट क्रू मिलकर हालात को संभालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो।

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