नालंदा के बाद अब छपरा में जहरीली शराब का कहर, तीन दिन में 14 लोगों की मौत

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बिहार के सारण जिले में लोगों की संदिग्ध मौत का सिलसिला (Chapra Liquor Case) थमने का नाम नहीं ले रहा साथ ही मौत की वजह भी अब जहरीली शराब के रूप में ही सामने आ रही है. छपरा जिला प्रशासन (Chapra District) ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है लेकिन अब यह आंकड़ा 14 के पास पहुंच चुका है. बीते 24 घंटे के अंदर नौ और लोगों की मौत हो गई है. मढ़ौरा में दो दिनों के अंदर चार, मकेर में दो और अमनौर में दो लोगों की मौत गुरुवार को होने के बाद मृतकों की संख्या 14 हो गई है. सभी 14 मौतें तीन दिनों के अंदर हुई हैं, जबकि एक व्यक्ति की आंखों की रोशनी भी चली गयी है.

पिछले तीन दिनों से संदिग्ध परिस्थिति में हो रही मौतों में से अधिकतर शवों का दाह संकार कर दिया गया है. गुरुवार को डीएम राजेश मीणा ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिए कहा कि घटना में शराब से मौत से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. जिन लोगों की मौत हुई है उनके परिजन अब घर से शराब की बोतले दिखा रहे हैं  जिसे पीकर उनके परिजनों की मौत हुई है. इस घटना में अपनी जिंदगी गवां चुके वीरेंद्र ठाकुर की पत्नी हाथ में वो बोतल लेकर दिखा रही हैं जिसकी शराब पीकर वीरेंद्र ठाकुर की मौत हो गई. और भी जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई है उनके घरों में लोग शराब दिखा रहे हैं और कह रहे हैं कि इसे पीकर उनके परिजनों की मौत हुई है.

अपने सुहाग गवां चुकी इन सभी विधवाओं की एक ही कहानी है कि शराब ने ही इनकी सुहाग को छीन लिया. मढौरा की रहने वाली चानो देवी ,कविता देवी का कहना है कि उनके गांव में भूलर मांझी की दुकान से शराब पीकर 5 लोग पहुंचे थे और सबकी मौत हो गई. छपरा में लगातार हो रही मौतों के बाद अब विपक्ष सरकार पर हमलावर दिख रहा है. राजद जिलाध्यक्ष सुनील राय ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर हमला बोल दिया है.

इस मामले में सारण की डीएम राजेश मीणा का कहना है कि प्रशासन इस मामले में कार्रवाई कर रहा है. उन्होंने कहा कि शराब से मौत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ऐसी कोई बात नजर नहीं आ रही है. इस मामले में एसपी ने भी कार्रवाई करते हुए मकर के थानाध्यक्ष को सस्पेंड और चौकीदार को निलंबित कर हिरासत में ले लिया है.

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