UP Politics : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में विवाद बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके यूपी में प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। अब भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर खुलकर धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने ऐसा कुछ नहीं कहा है, जिसके लिए उनका विरोध किया जाए। विधायक ने 18 नवंबर को राजा भैया के कार्यक्रम में उनका स्वागत करने की बात भी कही है।
गाजियाबाद की लोनी विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान को सही ठहराया है। उनसे जब भगवान राम और श्रीकृष्ण को लेकर उठे विवाद पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री ने वही बात कही है, जो सत्य है।
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नंदकिशोर गुर्जर ने इस विवाद में अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा अध्यक्ष चुनाव में हार के डर से इस तरह के बयान दे रहे हैं। गुर्जर ने दावा किया कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी का सफाया हो जाएगा।
भाजपा विधायक ने सपा नेताओं पर भगवान श्रीकृष्ण, भगवान राम और भगवान शिव को लेकर आपत्तिजनक रुख अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यदुवंशी थे और सनातन धर्म को मानने वाले लोग ऐसी टिप्पणियों को स्वीकार नहीं करेंगे। गुर्जर ने सपा पर ब्राह्मण, गुर्जर और जाट समाज की महिलाओं का अपमान करने का आरोप भी लगाया।
शामिल होंगे विधायक
18 नवंबर को राजा भैया के कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री की मौजूदगी को लेकर भी नंदकिशोर गुर्जर ने समर्थन जताया। उन्होंने राजा भैया को राष्ट्रवादी और सनातन धर्म का समर्थक बताते हुए कहा कि वह उनके विचारों से सहमत हैं। विधायक के मुताबिक, कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत किया जाएगा और वह खुद भी इसमें शामिल होंगे। उनके मुताबिक, भगवान श्रीकृष्ण की पूजा नहीं करने, मां जानकी का मजाक उड़ाने और राम मंदिर में शौचालय बनवाने जैसी बातों पर सवाल उठाना गलत नहीं है।
क्या है विवाद?
धीरेंद्र शास्त्री के भगवान राम और श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान के बाद विवाद शुरू हुआ था। अखिलेश यादव ने उनकी टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए इसे दोनों अवतारों के बीच अपमानजनक तुलना बताया और कार्रवाई की मांग की। 4 नवंबर को उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री के उत्तर प्रदेश में प्रवेश पर रोक लगाने की बात भी कही थी। विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर माफी मांगी, लेकिन अखिलेश यादव ने उनकी माफी स्वीकार नहीं की। उन्होंने उनके कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग दोहराई।
कुंडा में होगी रामकथा
इस पूरे विवाद के बीच प्रतापगढ़ के कुंडा में धीरेंद्र शास्त्री की रामकथा का आयोजन भी चर्चा में है। जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री 17 से 20 नवंबर 2026 तक रामकथा सुनाएंगे। इस दौरान दिव्य दरबार भी लगाया जाएगा। राजा भैया के इस आयोजन को लेकर प्रदेश के राजनीतिक नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है।




