Russia Nuclear Missile Test : रूस ने अपनी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बी से अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) का परीक्षण किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, बुलावा मिसाइल को पानी के नीचे से लॉन्च किया गया और परीक्षण सफल रहा। मंत्रालय ने दावा किया कि मिसाइल के वॉरहेड निर्धारित समय पर तय दूरी तय करते हुए अपने लक्ष्य क्षेत्र में पहुंचे। यह परीक्षण नियमित सैन्य प्रशिक्षण के तहत किया गया।
बता दें कि रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बुलावा मिसाइल को परमाणु पनडुब्बी जनरलिस्सिमो सुवोरोव से ओखोटस्क सागर में पानी के नीचे से दागा गया। मिसाइल का लक्ष्य पश्चिमी रूस के आर्कान्जेल्स्क क्षेत्र में स्थित एक सैन्य परीक्षण स्थल था। इस परीक्षण के जरिए रूस ने अपनी समुद्र आधारित परमाणु मिसाइल क्षमता का प्रदर्शन किया है।
Russia Nuclear Missile Test
जनरलिस्सिमो सुवोरोव रूस के प्रशांत बेड़े का हिस्सा है। यह आधुनिक बोरेई-ए श्रेणी की रणनीतिक परमाणु पनडुब्बी है, जिसे रूस की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने और समुद्री सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। इसका विकास सेंट पीटर्सबर्ग स्थित रुबिन सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो फॉर मरीन इंजीनियरिंग ने किया है। इस पनडुब्बी की प्रमुख विशेषता इसकी समुद्र के भीतर रहकर बैलिस्टिक मिसाइल दागने की क्षमता है।
🪖Russia test-fires Bulava ICBM from nuclear submarine in Sea of Okhotsk
Russia’s Generalissimo Suvorov nuclear-powered strategic missile submarine has launched a Bulava intercontinental ballistic missile (ICBM) from a submerged position in the Sea of Okhotsk.
The missile was fired as part of scheduled combat training. The missile’s warheads reportedly reached the designated test range at the scheduled time.
— Sputnik (@SputnikInt) October 28, 2026
इसमें 16 बुलावा मिसाइलें ले जाने की व्यवस्था है। इस तरह की पनडुब्बियां रूस की परमाणु रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि इनके जरिए समुद्र से भी जवाबी परमाणु हमला करने की क्षमता बनी रहती है।
बुलावा ICBM मिसाइल
बुलावा, जिसे RSM-56 के नाम से भी जाना जाता है, रूस की नौसैनिक परमाणु मिसाइल प्रणाली का अहम हिस्सा है। इसे खास तौर पर पनडुब्बियों से लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया है। यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और एक से अधिक वॉरहेड के साथ लक्ष्य को निशाना बना सकती है। इसकी डिजाइन का उद्देश्य विरोधी की मिसाइल रक्षा प्रणाली को चुनौती देते हुए निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचना है।
8,300 किलोमीटर तक मारक क्षमता
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के मुताबिक, बुलावा मिसाइल की अनुमानित रेंज करीब 8,300 किलोमीटर है। इतनी दूरी तक मार करने की क्षमता इसे रूस के रणनीतिक परमाणु हथियार भंडार का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। पनडुब्बी से इसके परीक्षण को रूस की समुद्र आधारित परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
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