Israel Election Result : इजरायल के चुनावी नतीजों ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। शुरुआती रुझानों में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन और उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गुट के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है। दोनों पक्ष बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से पीछे हैं। ऐसे में अरब पार्टियों की भूमिका सरकार गठन में अहम हो सकती है।
बता दें कि ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल इलेक्शंस कमिटी के रात 11:35 बजे तक के आंशिक आंकड़ों में नेतन्याहू के गुट को 53 सीटें, जबकि आइसेनकोट के नेतृत्व वाले गुट को 48 सीटें मिली थीं।
Israel Election Result
‘द जेरूसलम पोस्ट’ के अनुसार, अरब पार्टियों जॉइंट लिस्ट और राआम के पास कुल 19 सीटें थीं। हालांकि, ये आंकड़े आंशिक हैं और अंतिम नतीजों में बदलाव संभव है।
इजरायल की संसद में बहुमत हासिल करने के लिए 61 सीटों का समर्थन जरूरी है। शुरुआती नतीजों के मुताबिक, दोनों प्रमुख गुट इस आंकड़े से पीछे हैं। ऐसे में सरकार बनाने के लिए उन्हें दूसरे दलों का समर्थन जुटाना पड़ सकता है। आने वाले दिनों में राजनीतिक समझौते तय करेंगे कि नई सरकार बनेगी या देश को फिर चुनाव का सामना करना पड़ेगा।
चुनाव में धांधली के आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, लिकुड पार्टी ने कई अरब मतदान केंद्रों पर कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े बयान और सबूत पुलिस, शिन बेट तथा केंद्रीय चुनाव समिति को सौंपने की बात कही है। इन आरोपों की जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम नतीजे गुरुवार शाम तक आने की संभावना जताई गई थी। उस समय पांच लाख से अधिक विशेष ‘डबल-लिफाफे’ वाले मतपत्रों की गिनती बाकी बताई गई थी। इन मतों से सीटों के अंतिम बंटवारे में बदलाव हो सकता है। लगभग 90 प्रतिशत वोटों की गिनती पूरी होने के बावजूद किसी भी प्रमुख गुट को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था।
प्रदर्शन का लिया श्रेय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू के चुनावी प्रदर्शन का श्रेय अपने समर्थन को दिया। ‘एक्सियोस’ से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके समर्थन से नेतन्याहू को काफी फायदा हुआ है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह इजरायल में नेतन्याहू के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय एकता सरकार बनाने के प्रयासों में मदद करने पर विचार कर सकते हैं। विपक्षी उम्मीदवार गादी आइसेनकोट ने आंशिक नतीजों को नेतन्याहू सरकार के खिलाफ अविश्वास का संकेत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि जनता ने 7 अक्टूबर के हमले के बाद की सरकार और सैन्य भर्ती से बचने वालों को लेकर अपना रुख जाहिर किया है।
पहला आम चुनाव
इजरायल में मतदान मंगलवार को संपन्न हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 73 लाख से अधिक नागरिक मतदान के पात्र थे और करीब 77.7 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला। यह 2022 के चुनाव में दर्ज मतदान से अधिक बताया गया। 2023 में हमास के हमले के बाद यह देश का पहला आम चुनाव था, इसलिए इसके नतीजों पर घरेलू राजनीति के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी नजर बनी हुई है।
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