Ranchi Shikhar Mohan : भारतीय घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज शिखर मोहन इन दिनों सुर्खियों में हैं। झारखंड के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। रणजी ट्रॉफी में लगातार बड़े स्कोर बनाने और दलीप ट्रॉफी के फाइनल में उपयोगी प्रदर्शन करने के बाद उन्हें इंडिया A की टीम में जगह मिली है। अब न्यूजीलैंड दौरे पर उनके पास खुद को साबित करने और भारतीय क्रिकेट में अपनी पहचान मजबूत करने का मौका होगा।
बता दें कि इंडिया A को न्यूजीलैंड दौरे पर तीन चार दिवसीय मुकाबले खेलने हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, केएल राहुल के बाकी दो मैचों से हटने के बाद शिखर मोहन को टीम में शामिल किया गया है।
Ranchi Shikhar Mohan
राहुल को आगे भारतीय वनडे टीम के साथ जुड़ना है और इसके बाद टेस्ट सीरीज भी खेलनी है। ऐसे में शिखर के लिए यह दौरा अपनी प्रतिभा दिखाने का अहम अवसर बन सकता है।
कौन हैं शिखर मोहन?
शिखर मोहन का जन्म 18 मई 2005 को झारखंड की राजधानी रांची में हुआ था। उनके पिता सूरज मोहन भी क्रिकेट खेलते थे और ऑलराउंडर की भूमिका निभाते थे। शिखर के पिता चाहते थे कि उनका बेटा क्रिकेट में आगे बढ़े। इसी वजह से शिखर ने बचपन से ही इस खेल की ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।
उन्होंने रांची की फेंस क्रिकेट अकादमी में क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। छह साल की उम्र से अभ्यास करने वाले शिखर ने आगे चलकर अंडर-16 स्तर पर कोच रतन कुमार के मार्गदर्शन में अपनी बल्लेबाजी को निखारा। रतन कुमार बाद में झारखंड की सीनियर टीम के मुख्य कोच भी बने। शुरुआती स्तर से लगातार मेहनत करने का नतीजा है कि शिखर कम उम्र में इंडिया A तक पहुंचने में सफल रहे हैं।
रनों की बरसात
शिखर ने पिछले रणजी ट्रॉफी सीजन में झारखंड के लिए डेब्यू किया था। अपने पहले सीजन में उन्होंने आठ मैचों की 12 पारियों में 55.73 की औसत से 613 रन बनाए। इस प्रदर्शन ने उन्हें घरेलू क्रिकेट में उभरते बल्लेबाजों की सूची में शामिल कर दिया।
2026-27 सीजन में भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी है। केरल के खिलाफ रणजी मुकाबले में उन्होंने 143 रन की पारी खेली। इसके बाद महाराष्ट्र के खिलाफ पहली पारी में 27 रन बनाए और दूसरी पारी में 127 रन ठोक दिए। इस तरह शुरुआती दो मैचों में उनके बल्ले से दो शतक निकले।
दलीप ट्रॉफी फाइनल
शिखर को 2026-27 सीजन की दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की ओर से खेलने का मौका मिला। फाइनल में उन्होंने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 85 रन और दूसरी पारी में 52 रन बनाए। गेंदबाजी में भी उन्होंने दो विकेट हासिल किए। उनके इस योगदान से ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन टीम को खिताब जीतने में मदद मिली।
इसके अलावा रेस्ट ऑफ इंडिया के लिए जम्मू-कश्मीर के खिलाफ खेलते हुए उन्होंने पहली पारी में 60 रन बनाए थे। लगातार अलग-अलग मुकाबलों में रन बनाने की क्षमता ने उनके चयन की संभावनाओं को मजबूत किया।
घरेलू क्रिकेट के आंकड़े
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शिखर अब तक 12 प्रथम श्रेणी मैचों में 1,109 रन बना चुके हैं। इसमें चार शतक और छह अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, सात लिस्ट A मैचों में उनके नाम 391 रन दर्ज हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक घरेलू टी20 क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है।
इंडिया A के न्यूजीलैंड दौरे पर तीन अनाधिकारिक टेस्ट मुकाबले खेले जाने हैं। कार्यक्रम के अनुसार, पहला मैच 24 से 27 अक्टूबर, दूसरा 31 अक्टूबर से 3 नवंबर और तीसरा 7 से 10 नवंबर 2026 तक होना है। शिखर के लिए इन मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करना महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यहां उन्हें मजबूत प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी तकनीक और धैर्य दिखाने का मौका मिलेगा।
घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाने के बाद अब शिखर की नजर इंडिया A के लिए प्रभावशाली प्रदर्शन करने पर होगी। हालांकि, भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें आगे भी इसी निरंतरता को कायम रखना होगा।




