Tibet Earthquake : चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। शनिवार सुबह आए इस भूकंप की तीव्रता अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार 4.7 मापी गई। लगातार भूकंपीय गतिविधियों के बीच ताजा झटकों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस घटना में किसी के हताहत होने या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि अमेरिकी एजेंसी USGS के अनुसार, ताजा भूकंप का केंद्र नागकू शहर से करीब 215 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। वहीं, भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने शनिवार सुबह 5 बजकर 38 मिनट पर भूकंप आने की जानकारी दी।
Tibet Earthquake
NCS के मुताबिक, इसकी तीव्रता 4.5 थी और केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे था। दोनों एजेंसियों के आंकड़ों में तीव्रता को लेकर अंतर दर्ज किया गया है। तिब्बत में ताजा झटके ऐसे समय महसूस किए गए हैं, जब इससे पहले गुरुवार रात आए शक्तिशाली भूकंप से इलाके में भारी नुकसान की खबर सामने आई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, 7.0 तीव्रता के उस भूकंप में कम से कम 16 लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में घायलों की संख्या को लेकर अंतर रहा है।
EQ of M: 4.5, On: 24/10/2026 05:38:12 IST, Lat: 31.485 N, Long: 93.528 E, Depth: 10 Km, Location: Tibet.
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गुरुवार रात आए भूकंप के बाद कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबर आई थी। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सैकड़ों मकान ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए। भूकंप के दौरान लोग घरों और दुकानों से निकलकर खुले स्थानों की ओर भागे। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया गया।
उपग्रहों और ड्रोन की मदद
भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव का काम जारी है। चीन ने प्रभावित इलाकों की तस्वीरें जुटाने और आपातकालीन संचार व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपग्रहों तथा ड्रोन की मदद ली। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की गई है और नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। राहत कार्यों के साथ बुनियादी सेवाओं को बहाल करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रभावित हिस्से में छिंगहाई-तिब्बत रेलवे पर यात्री ट्रेनों का संचालन सुरक्षा जांच के बाद कम गति से दोबारा शुरू किया गया।
संवेदनशील है तिब्बती पठार
तिब्बत भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। इसकी प्रमुख वजह भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार होने वाली हलचल है। इन प्लेटों के टकराव से हिमालय और तिब्बती पठार का भूगर्भीय स्वरूप विकसित हुआ है। इसी प्रक्रिया के कारण इस क्षेत्र में समय-समय पर भूकंप आते रहते हैं। लगातार आए झटकों के बाद प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा, इमारतों की स्थिति और राहत कार्यों पर नजर रखी जा रही है। ताजा भूकंप से किसी नए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में स्थिति को लेकर आगे आने वाली स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी।
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