Rahul Gandhi : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की विदेश यात्रा को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी के वियतनाम दौरे पर सवाल उठाए हैं, जबकि कांग्रेस नेताओं ने उनके बचाव में अपनी बात रखी है। इसी मुद्दे पर पत्रकारों ने जब कांग्रेस सांसद शशि थरूर से सवाल किया, तो उन्होंने साफ कहा कि वह राहुल गांधी की यात्रा के बारे में जवाब देने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
बता दें कि शशि थरूर उस समय केरल में मौजूद थे, जब पत्रकारों ने उनसे राहुल गांधी के विदेश जाने की वजह पूछी। इस पर थरूर ने कहा कि वह कोई ट्रैवल एजेंट नहीं हैं और उनसे यह पूछना उचित नहीं है कि राहुल गांधी दिल्ली छोड़कर क्यों गए।
Rahul Gandhi
उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की अपनी जिम्मेदारियां होती हैं, इसलिए वह इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। भाजपा ने दावा किया है कि देश में राजनीतिक विरोध और प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी चार दिन के वियतनाम दौरे पर गए हैं। पार्टी ने उनकी यात्रा की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया। भाजपा ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी के विदेश दौरों का उद्देश्य क्या है। हालांकि, वीडियो और यात्रा को लेकर पार्टी की ओर से किए गए दावों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
राहुल गांधी के विदेश दौरों का एजेंडा क्या है?
देश की जनता जवाब मांग रही है… ऐसा क्या हो रहा है Vietnam में, जो वापस आते ही ये तख्ता-पलट कर देंगे?
— BJP (@BJP4India) October 21, 2026
भाजपा नेता संबित पात्रा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेश में जॉर्ज सोरोस और उनसे जुड़े लोगों से मुलाकात कर भारत में सत्ता परिवर्तन की कथित योजना पर चर्चा करने गए हैं। पात्रा ने दावा किया कि विपक्ष की रणनीति देश में राजनीतिक बदलाव लाने की है। ये आरोप भाजपा नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।
कांग्रेस ने भी दिया जवाब
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी की यात्रा को लेकर सवाल किया कि वह विदेश छुट्टियां मनाने गए हैं या अपने सहयोगियों से मिलने। इस पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने राहुल गांधी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी एक व्यक्ति हैं और लोकसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर उनकी अपनी जिम्मेदारियां हैं। दीक्षित ने तर्क दिया कि राहुल गांधी विदेश में विश्वविद्यालयों के छात्रों, बुद्धिजीवियों और मीडिया से बातचीत करते रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर राहुल गांधी छात्रों और अन्य लोगों से संवाद करने के लिए विदेश जाते हैं, तो भाजपा को इससे परेशानी क्यों होनी चाहिए।
राजनीतिक बयानबाजी
राहुल गांधी की विदेश यात्रा अब भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गई है। भाजपा उनके दौरे के समय और उद्देश्य पर सवाल उठा रही है, जबकि कांग्रेस इसे उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक जिम्मेदारियों से जोड़कर देख रही है। फिलहाल, शशि थरूर ने इस विषय पर कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है और दोनों दलों के नेताओं के बयान से राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
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