American Bison : अमेरिका के ओक्लाहोमा में एक संरक्षण अभियान ने दिखाया है कि वन्यजीवों की वापसी से प्राकृतिक पर्यावरण को किस तरह फायदा पहुंच सकता है। यहां 1993 में 300 अमेरिकन बाइसन को घास के मैदानों में छोड़ा गया था। तीन दशक बाद इनकी संख्या बढ़कर गर्मियों में करीब 2,700 तक पहुंच गई है। इस पहल का मकसद टॉलग्रास प्रेयरी नाम के दुर्लभ प्राकृतिक पारिस्थितिक तंत्र को बचाना और उसकी पुरानी स्थिति बहाल करने में मदद करना था।
बता दें कि इस अभियान की शुरुआत केनेथ और डायना एडम्स ने अपने केन-एडा रेंच के 300 बाइसन दान करके की थी। इन जानवरों को ओक्लाहोमा के पॉहस्का के पास स्थित जोसेफ एच. विलियम्स टॉलग्रास प्रेयरी प्रिजर्व में छोड़ा गया।
American Bison
द नेचर कंजरवेंसी ने 1989 में इस क्षेत्र की जमीन खरीदकर संरक्षण का काम शुरू किया था। करीब 39,650 एकड़ में फैला यह इलाका अब देशी घास के मैदानों और वन्यजीवों के लिए महत्वपूर्ण आश्रय है। बाइसन केवल घास खाने वाले बड़े जानवर नहीं हैं, बल्कि प्रेयरी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने में भी उनकी अहम भूमिका है। वे अलग-अलग जगहों पर चरते हैं, जिससे कुछ पौधों का फैलाव सीमित रहता है और दूसरी वनस्पतियों को पनपने का अवसर मिलता है। इससे घास के मैदानों में पौधों की विविधता बनाए रखने में मदद मिलती है।
इनकी गतिविधियों का असर मिट्टी पर भी पड़ता है। बाइसन का गोबर मिट्टी में पोषक तत्व लौटाता है, जबकि जमीन पर लोटने से छोटे गड्ढे बनते हैं। ये प्रक्रियाएं स्थानीय पर्यावरण की बनावट को प्रभावित करती हैं और दूसरे जीवों के लिए भी उपयोगी परिस्थितियां तैयार कर सकती हैं। इस तरह बाइसन की मौजूदगी पूरे प्राकृतिक क्षेत्र को लाभ पहुंचाती है।
टॉलग्रास प्रेयरी का बचना क्यों जरूरी
टॉलग्रास प्रेयरी कभी अमेरिका के बड़े हिस्से में फैली थी। कृषि और शहरी विकास के कारण इसका अधिकांश प्राकृतिक क्षेत्र नष्ट हो गया। अब इसका चार प्रतिशत से भी कम हिस्सा बचा होने का अनुमान है। ओक्लाहोमा और कंसास के कुछ इलाकों में इसका महत्वपूर्ण हिस्सा मौजूद है, इसलिए इनकी सुरक्षा को खास महत्व दिया जाता है। द नेचर कंजरवेंसी के अनुसार, जोसेफ एच. विलियम्स संरक्षित क्षेत्र में 700 से अधिक पौधों की प्रजातियां, 300 से ज्यादा पक्षी प्रजातियां और 80 स्तनधारी प्रजातियां पाई जाती हैं। यहां के घास के मैदान वन्यजीवों को भोजन, आश्रय और प्रजनन के लिए जगह देते हैं।
बाइसन की निगरानी
हर साल शरद ऋतु में संरक्षण दल और स्थानीय पशुपालक बाइसन को इकट्ठा करते हैं। इस दौरान उनके स्वास्थ्य की जांच, वजन मापने और जरूरी टीकाकरण जैसे काम किए जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक ईयर टैग की मदद से उनकी पहचान और उम्र, वजन तथा प्रजनन संबंधी जानकारी भी दर्ज की जाती है। यह अभियान बताता है कि किसी मूल प्रजाति को उसके प्राकृतिक आवास में वापस लाना पूरे पारिस्थितिक तंत्र को मजबूत करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, इसके लिए नियमित निगरानी, नियंत्रित आग के जरिए घास के मैदानों का प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा भी जरूरी है। ओक्लाहोमा में बाइसन की वापसी इसी लंबे संरक्षण प्रयास का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
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