Home » धर्म » Hariyali Teej पर इस बार कंफ्यूजन क्यों? 14 या 15 अगस्त को रखें व्रत, जानें पूजा का सही मुहूर्त

Hariyali Teej पर इस बार कंफ्यूजन क्यों? 14 या 15 अगस्त को रखें व्रत, जानें पूजा का सही मुहूर्त

Hariyali Teej 2026 : सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाने वाला हरियाली तीज पर्व इस बार शनिवार, 15 अगस्त को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह है। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सुखी दांपत्य जीवन की कामना की जाएगी।

हरियाली तीज से पहले बाजारों में महिलाओं की खरीदारी बढ़ गई है। मेहंदी, चूड़ियों, शृंगार सामग्री के साथ घेवर और फेनी की मांग भी बढ़ी है। हरे रंग के परिधानों और पारंपरिक आभूषणों को लेकर भी महिलाओं में खासा उत्साह है। दुकानदारों के मुताबिक पर्व नजदीक आने के साथ खरीदारी और बढ़ने की उम्मीद है।

Hariyali Teej 2026

विजय नगर निवासी अर्चना जैन ने बताया कि इस बार राजस्थानी लहरिया साड़ी और चूड़ियां महिलाओं को खास तौर पर पसंद आ रही हैं। उन्होंने बताया कि वह सुबह भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनने के बाद ही व्रत का पारण करेंगी। तीज के दिन पारंपरिक परिधान और शृंगार के साथ पूजा की तैयारी की जा रही है। शास्त्रीपुरम निवासी श्वेता ने बताया कि बचपन में तीज के मौके पर सखियां एक साथ झूला झूलती थीं और कजरी-तीज के गीत गाती थीं। उनके मुताबिक यह पर्व सिर्फ धार्मिक आस्था से नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और पारंपरिक संस्कृति से भी जुड़ा है। आज भी महिलाएं इन परंपराओं को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं।

उत्साहित नवविवाहिताएं

बोदला निवासी निशा उत्प्रेरी के लिए इस बार की तीज खास है, क्योंकि शादी के बाद यह उनकी पहली हरियाली तीज है। उन्होंने बताया कि मायके से आए शृंगार के सामान और हरे जोड़े में वह पूजा करेंगी। परिवार के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पर्व मनाने की तैयारी है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्रा के अनुसार, श्रावण शुक्ल तृतीया 15 अगस्त को शाम 5:28 बजे तक रहेगी। पूरे दिन रवियोग रहेगा। पूजा के लिए सुबह 6 बजे से 9:09 बजे तक और दोपहर 12:48 बजे से 3:06 बजे तक का समय शुभ बताया गया है।

Read More : Bareilly Urs-e-Razvi में बोले मुफ्ती सलीम नूरी, ‘अमेरिका-ईरान की सियासी; इसे मजहबी जंग कहना सही नहीं’

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?