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Sawan 2026: आगरा के चार बेटों ने कांवड़ में पिता को बैठाकर निभाया फर्ज, पितृभक्ति की अनोखी मिसाल बनी चर्चा का विषय

Sawan 2026 : सावन के पावन महीने में जहां लाखों शिवभक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ यात्रा पर निकले हैं, वहीं आगरा के चार भाइयों ने अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा से लोगों का दिल जीत लिया। इन भाइयों ने अपने बुजुर्ग पिता की गंगा स्नान की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें कांवड़ के एक पलड़े में बैठाया, जबकि दूसरे पलड़े में 51 लीटर गंगाजल रखा। पितृभक्ति की यह अनूठी तस्वीर जहां-जहां पहुंची, वहां लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।

चारों भाइयों जयप्रकाश, कृष्णा, टिंकू और बंटी ने बताया कि वे हर साल सावन में कछला गंगा घाट से कांवड़ लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने जाते हैं। इस बार उनके पिता गोदन सिंह ने गंगा स्नान करने की इच्छा जताई।

Sawan 2026

उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए उनके लिए यात्रा करना आसान नहीं था। ऐसे में बेटों ने तय किया कि वे पिता की इच्छा को किसी भी हाल में पूरा करेंगे। भाइयों ने कछला गंगा घाट पर एक विशेष कांवड़ तैयार करवाई। कांवड़ के एक हिस्से में 51 लीटर गंगाजल से भरे कलश सजाए गए, जबकि दूसरे हिस्से में उनके पिता के बैठने की व्यवस्था की गई। इसके बाद चारों भाई बारी-बारी से कंधों पर कांवड़ उठाकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

जब यह अनोखी कांवड़ यात्रा कस्बे से होकर गुजरी तो इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। राहगीर रुककर इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए। कई श्रद्धालुओं ने इसे माता-पिता के प्रति सम्मान और सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

सेवा ही सबसे बड़ा धर्म

चारों भाइयों का कहना है कि भगवान शिव की भक्ति के साथ माता-पिता की सेवा भी सबसे बड़ा धर्म है। उनका मानना है कि तीर्थ यात्रा का वास्तविक महत्व तभी है, जब परिवार और माता-पिता के प्रति अपने कर्तव्यों का भी पूरी श्रद्धा से पालन किया जाए। उनकी यह अनोखी कांवड़ यात्रा अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

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