UP Weather Update : उत्तर प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, जिससे लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि बुधवार सुबह लखनऊ, अयोध्या, देवरिया, आगरा और हाथरस समेत कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में रातभर हुई बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 33 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन व्यापक और लगातार वर्षा के आसार अभी कम बताए जा रहे हैं।
बारिश भले ही कम हो रही हो, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा का असर उत्तर प्रदेश की नदियों पर साफ दिखाई देने लगा है। मथुरा में यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और वृंदावन के केशीघाट की सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं।
UP Weather Update
प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी घाटों के किनारे बनी दुकानों तक पहुंच गया है। वहीं वाराणसी और कानपुर में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बलिया में सरयू और घाघरा नदी के किनारों पर कटान तेज होने से कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान की ओर से आ रही शुष्क हवाओं के कारण प्रदेश के करीब 80 प्रतिशत हिस्से से मानसूनी बादल हट गए हैं। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों में अपेक्षा से काफी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
1 जून से 14 जुलाई तक प्रदेश में सामान्य से लगभग 22 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन से चार दिन तक मानसून की यही स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि 17 जुलाई के बाद हवाओं का रुख बदलने के साथ मानसूनी गतिविधियों में फिर तेजी आने की संभावना जताई गई है।
मौसम का असर
लखनऊ में देर रात हुई बारिश से कई इलाकों में जलभराव हो गया, जबकि गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र में सर्विस रोड का एक हिस्सा धंसने से यातायात प्रभावित हुआ। संभल में तेज बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया। देवरिया में रिमझिम बारिश से किसानों को राहत मिली, लेकिन धान की रोपाई अभी भी प्रभावित बनी हुई है। आगरा में सुबह हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम सुहाना रहा, जबकि गाजियाबाद में बादलों की आवाजाही के बावजूद दिनभर उमस बनी रहने का अनुमान है। अयोध्या में रात की बारिश से गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन मौसम विभाग ने पूर्वांचल के कई जिलों में अगले 48 घंटे के दौरान आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है।
फिलहाल राहत सीमित
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा मानसून ब्रेक लंबा खिंचने पर खरीफ फसलों पर असर पड़ सकता है। धान की रोपाई वाले क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। दूसरी ओर नदियों का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए नई चुनौती बन रहा है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है। यदि अगले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी में नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होता है, तो प्रदेश में बारिश का दौर एक बार फिर तेज हो सकता है।
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