UP News : उत्तर प्रदेश में डिजिटल उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने एक नई पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘प्रोजेक्ट गंगा’ (Government Assisted Network for Growth and Advancement) का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को डिजिटल क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में डिजिटल तकनीक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। आज के दौर में इंटरनेट और तकनीक केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि विकास का आधार बन चुके हैं।
UP में डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप को मिलेगी नई उड़ान
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में इंटरनेट की बेहतर उपलब्धता और तेज कनेक्टिविटी विकास की रफ्तार को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि जहां डिजिटल सुविधाएं मजबूत होती हैं, वहां शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग और सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान हो जाती है। यही कारण है कि सरकार लगातार डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल परिवर्तन को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने, ग्राम सचिवालयों के सशक्तिकरण और बैंकिंग सुविधाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने जैसे प्रयासों ने प्रदेश में डिजिटल क्रांति को नई दिशा दी है। इन पहलों का लाभ लाखों लोगों तक पहुंचा है।
8 हजार डिजिटल उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 और 2026-27 के बजट में प्रदेश में 8 हजार डिजिटल एंटरप्रेन्योर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें 50 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की सुनिश्चित की जाएगी। प्रोजेक्ट गंगा इस लक्ष्य को पूरा करने का प्रमुख माध्यम बनेगा। योजना के तहत चयनित युवाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के अंतर्गत, चयनित प्रतिभागियों को डिजिटल सेवाओं से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने और व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सहायता भी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि प्रशिक्षित युवा अपने क्षेत्र में डिजिटल सेवाएं प्रदान कर आत्मनिर्भर बन सकें।
पहले चरण में 21 जिलों को मिलेगा लाभ
प्रोजेक्ट गंगा को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में प्रदेश के 21 जिलों का चयन किया गया है। इन जिलों में युवाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके बाद योजना का विस्तार अन्य जिलों तक किया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह मॉडल भविष्य में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल खाई को कम करने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल उद्यमिता का यह अभियान रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। इससे युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय खुद रोजगार सृजित करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रोजेक्ट गंगा आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश को डिजिटल नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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