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UP Assembly Election: 2027 चुनाव से पहले यूपी में सुभासपा का विस्तार प्लान, 44 सीटों पर लड़ने की तैयारी तेज

UP Assembly Election 2027 : उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले संभावित राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समय से पहले चुनाव होने की चर्चाओं के बीच सभी दल अपनी रणनीति को धार देने में लगे हैं। इसी क्रम में सुभासपा ने भी अपने संगठनात्मक विस्तार और चुनावी तैयारी को तेज कर दिया है। पार्टी ने इस बार करीब 44 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू की है, जो पिछली बार के मुकाबले दोगुनी से अधिक है। मऊ जिले की घोसी सीट पर सुभासपा ने विशेष रणनीति बनाई है। 2022 में इस सीट पर सपा के दारा सिंह चौहान ने जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में उपचुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

 

अब इस सीट पर पार्टी ने फागू सिंह को प्रभारी और जितेंद्र कुमार भारती को सह-प्रभारी नियुक्त किया है। क्षेत्र में जातीय समीकरणों को साधने के लिए संगठन स्तर पर लगातार बैठकें भी की जा रही हैं।

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मधुबन सीट, जो वर्तमान में भाजपा के पास है, पर सुभासपा ने डॉ. संतोष पांडेय को प्रभारी बनाया है। वहीं इटवा सीट पर पूर्व मंत्री को हराने के बाद सपा का कब्जा है, लेकिन यहां भी सुभासपा ने केशव राजभर को जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों सीटों पर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। जौनपुर की मल्हनी सीट पर सपा के लकी यादव विधायक हैं, लेकिन इस बार पूर्व सांसद धनंजय सिंह की सक्रियता से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। सुभासपा ने बृजभान राजभर को यहां प्रभारी बनाया है। इसी तरह सुल्तानपुर की इसौली सीट पर भी पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी शिवकुमार सिंह को दी है।

पूर्वांचल से लेकर पश्चिम यूपी तक संगठन विस्तार

सुभासपा ने पूर्वांचल के गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, आजमगढ़, बलिया, देवरिया सहित कई जिलों में संगठन विस्तार पर फोकस किया है। इसके अलावा अवध, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के जिलों में भी पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वंचित और अति पिछड़े वर्गों को जोड़कर पार्टी जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

सुभासपा ने इस बार अपने सहयोगी दलों की कुछ सीटों पर भी उम्मीदवार उतारने की तैयारी की है। निषाद पार्टी और रालोद की सीटों पर भी पार्टी ने प्रभारी नियुक्त किए हैं। अतरौलिया, कालपी और थानाभवन जैसी सीटों पर संगठन स्तर पर सक्रियता बढ़ाई गई है। वाराणसी में हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कम से कम 50 से 60 सीटों पर मजबूत स्थिति बनाने का लक्ष्य तय किया है। बैठक में तय हुआ कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाएगा और नए वर्गों को पार्टी से जोड़ा जाएगा।

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