Crude Oil : साल 2023 में हुए COP28 में दुनिया ने जीवाश्म ईंधन से दूरी बनाने का बड़ा वादा किया था। उस वक्त इसे ऊर्जा के नए युग की शुरुआत माना गया, लेकिन कुछ साल बाद तस्वीर अलग दिख रही है। ग्लोबल वार्मिंग पर वैज्ञानिकों की मजबूत सहमति के बावजूद ऊर्जा परिवर्तन की रफ्तार काफी धीमी है। हाल के संघर्षों ने यह साफ कर दिया है कि दुनिया अब भी तेल पर कितनी निर्भर है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव ने वैश्विक सप्लाई को खतरे में डाल दिया है। इस रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है, इसलिए यहां हलचल का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
Crude Oil
विशेषज्ञों का मानना है कि सबसे बड़ी बाधा अर्थव्यवस्था ही है। ब्राजील की क्लाइमेट ऑब्जर्वेटरी से जुड़े क्लॉडियो एंजेलो कहते हैं कि दुनिया रातों-रात तेल कंपनियों को बंद नहीं कर सकती। ऐसा करने से वैश्विक स्तर पर भारी आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। बाजार आज भी तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव पर काफी निर्भर हैं। सऊदी अरब, कुवैत और इराक जैसे कई देश अपनी अर्थव्यवस्था के लिए तेल पर ही निर्भर हैं। अगर अचानक तेल निर्यात रुकता है, तो इन देशों के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर पड़ेगा।
बदलाव की रफ्तार धीमी
ऊर्जा परिवर्तन में देरी के पीछे तेल और गैस उद्योग की ताकत भी एक बड़ा कारण है। ExxonMobil और Aramco जैसी बड़ी कंपनियों का प्रभाव नीतियों पर साफ नजर आता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां लंबे समय से बदलाव को धीमा करने की कोशिश करती रही हैं। तेल से दूरी बनाने के लिए भारी निवेश की जरूरत है। यह सिर्फ विकासशील देशों के लिए नहीं, बल्कि उन अमीर देशों के लिए भी जरूरी है जो तेल उत्पादन पर निर्भर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना मजबूत वित्तीय ढांचे के यह बदलाव संभव नहीं है।
अक्षय ऊर्जा का बढ़ता दायरा
इन चुनौतियों के बावजूद कुछ सकारात्मक संकेत भी मिल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, 2025 में दुनिया की करीब आधी नई बिजली क्षमता अक्षय ऊर्जा से आई। चीन ने पवन और सौर ऊर्जा में तेजी से विस्तार किया है, जबकि पाकिस्तान में सौर ऊर्जा तेजी से मुख्य स्रोत बन रही है। दुनिया अभी भी तेल पर निर्भर है, लेकिन बदलाव की प्रक्रिया जारी है। यह रास्ता लंबा और कठिन जरूर है, लेकिन छोटे-छोटे कदम ही भविष्य में बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं। अब नजर इस बात पर है कि देश अपने वादों को कितनी गंभीरता से लागू करते हैं।
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