America : मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव गहराता नजर आ रहा है। JD Vance ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट के जरिए आर्थिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, यह कदम वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है, जिससे दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि ईरान का यह रवैया ‘आर्थिक आतंकवाद’ जैसा है।
उन्होंने साफ कहा कि अगर ईरान इस तरह के कदम जारी रखता है, तो अमेरिका भी कड़ा जवाब देगा। वेंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित कर सकता है कि ईरान का कोई भी जहाज अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से बाहर न निकल पाए।
America ने ईरानी जहाजों को रोकने की दी चेतावनी
इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी से तेल की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका दबाव की रणनीति अपनाकर ईरान को झुकाने की कोशिश कर सकता है। वेंस ने बातचीत के हालिया दौर का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन अब आगे का कदम ईरान को ही उठाना होगा। उन्होंने कहा कि तेहरान को लचीलापन दिखाना होगा और अमेरिका की प्रमुख मांगों को मानना होगा, तभी कोई ठोस समझौता संभव है।
परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका की शर्तें
अमेरिका की सबसे बड़ी चिंता ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। वेंस के मुताबिक, अमेरिका चाहता है कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम पर निगरानी हो और एक मजबूत जांच प्रणाली बनाई जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह परमाणु हथियार विकसित न कर सके।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है अहम?
Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। अगर यहां ट्रैफिक प्रभावित होता है, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी और अमेरिका की प्रतिक्रिया ने अंतरराष्ट्रीय कानून को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो इसका असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है।
फिलहाल, हालात नाजुक बने हुए हैं और दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि आगे क्या होता है। अगर दोनों देशों के बीच बातचीत सफल नहीं होती, तो तनाव और बढ़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिन इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे।
REad mORE : Donald Trump के पोस्ट पर बवाल, घिरी अमेरिका की सियासत




