Vedanta : भारत की प्रमुख माइनिंग और एनर्जी कंपनी Vedanta Limited ने अपने ऑयल बिजनेस को लेकर बड़ा विजन सामने रखा है। कंपनी की सहायक इकाई Cairn Oil & Gas आने वाले वर्षों में तेल उत्पादन को कई गुना बढ़ाने की योजना बना रही है। अगले दशक के ज्यादातर समय में रोजाना उत्पादन को 10 लाख बैरल तक पहुंचाना। कंपनी के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा। कंपनी ऑयलफील्ड डेवलपमेंट के लिए करीब 5 अरब डॉलर तक खर्च करने की तैयारी में है। इस रकम का इस्तेमाल खास तौर पर ड्रिलिंग और नए फील्ड विकसित करने में किया जाएगा।
इस समय कंपनी के अधिकारी ह्यूस्टन में मौजूद हैं, जहां वे टेक्नोलॉजी और कॉन्ट्रैक्टर्स से जुड़ी रणनीतियों पर काम कर रहे हैं। Cairn का प्लान सिर्फ निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक पर भी खास फोकस है। कंपनी अमेरिका के शेल ऑयल मॉडल को भारत में लागू करना चाहती है।
Vedanta का बड़ा दांव
इसके लिए अमेरिकी विशेषज्ञों को हायर करने की योजना बनाई गई है, जिससे ड्रिलिंग का समय कम हो और उत्पादन तेजी से बढ़ सके। माना जा रहा है कि इस कदम से प्रोजेक्ट पूरे होने की गति में करीब एक-तिहाई तक सुधार आ सकता है। कंपनी ने अपने शेल ऑयल प्रोजेक्ट्स पर काम भी शुरू कर दिया है। अब तक चार शेल कुओं की ड्रिलिंग पूरी की जा चुकी है, हालांकि उनका पूरा डेवलपमेंट अभी बाकी है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में उत्पादन बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मध्य-पूर्व तनाव से पड़ा असर
मौजूदा हालात कंपनी के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और शिपिंग दिक्कतों के कारण कंपनी को अपने उत्पादन में करीब 10% की कटौती करनी पड़ी है। इससे रोजाना उत्पादन घटकर लगभग 1,10,000 बैरल के आसपास आ गया है। हालांकि कंपनी का कहना है कि इससे ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। Cairn Oil & Gas का लक्ष्य सिर्फ मौजूदा उत्पादन को स्थिर रखना नहीं, बल्कि आने वाले पांच वर्षों में इसे 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाना है। इसके बाद अगले दशक में 10 लाख बैरल का आंकड़ा हासिल करने की तैयारी है।
यह रणनीति भारत के लिए भी अहम साबित हो सकती है, क्योंकि देश कच्चे तेल के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है। ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाना आर्थिक रूप से बड़ा बदलाव ला सकता है।
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