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QS रैंकिंग 2026 में भारत की धमक: IIT, JNU और BITS ने टॉप 50 में बनाई जगह; दोगुना हुआ दबदबा

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QS Ranking 2026 : लंदन स्थित QS Quacquarelli Symonds ने अपनी 16वीं ‘वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग बाय सब्जेक्ट’ जारी कर दी है और इस बार भारत के लिए तस्वीर बेहद उत्साहजनक रही। देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों ने दुनिया के शीर्ष 50 में जगह बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस सूची में IIT Delhi, IIT Bombay, IIT Kharagpur, IIT Madras के साथ-साथ Jawaharlal Nehru University और BITS Pilani जैसे संस्थानों ने शानदार प्रदर्शन किया है।

इस साल भारत ने कुल 27 स्थान टॉप 50 में हासिल किए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा हैं। 2024 में जहां यह संख्या 12 थी, वहीं इस बार यह उछाल भारतीय उच्च शिक्षा के बढ़ते स्तर को साफ दिखाता है।

QS रैंकिंग 2026

यह उपलब्धि किसी एक संस्थान की नहीं, बल्कि कुल 12 अलग-अलग संस्थानों के बेहतर प्रदर्शन का नतीजा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि देश में शिक्षा का स्तर व्यापक रूप से सुधर रहा है। इस बार IIT Delhi का प्रदर्शन खास रहा, जिसके छह अलग-अलग प्रोग्राम टॉप 50 में शामिल हुए। केमिकल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस जैसे विषयों में इसकी मजबूत मौजूदगी देखने को मिली।

वहीं, IIM Ahmedabad ने बिजनेस और मैनेजमेंट के साथ-साथ मार्केटिंग में 21वां स्थान हासिल किया। खास बात यह है कि ‘मार्केटिंग’ विषय में भारत की यह पहली बड़ी एंट्री मानी जा रही है।

खनन और इंजीनियरिंग में शानदार प्रदर्शन

IIT Dhanbad (ISM) ने खनिज और खनन इंजीनियरिंग में दुनिया में 21वां स्थान हासिल कर अपनी पहचान और मजबूत की है। इसके अलावा आईआईटी बॉम्बे, खड़गपुर और मद्रास ने भी अपनी रैंकिंग में स्थिरता बनाए रखते हुए टॉप 50 में जगह बरकरार रखी है। तकनीकी संस्थानों के अलावा Jawaharlal Nehru University और BITS Pilani ने भी अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता से अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई है। इन संस्थानों का टॉप 50 में आना इस बात का संकेत है कि भारत में विविध क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत हो रहा है।

ग्लोबल स्तर पर बढ़ती साख

QS की सीईओ Jessica Turner ने भारत की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यह उछाल गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धा में सुधार का नतीजा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में संस्थानों को रिसर्च, इंटरनेशनल सहयोग और इनोवेशन पर और ज्यादा ध्यान देना होगा। यह रैंकिंग भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो आने वाले वर्षों में और बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद जगाती है।

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