Innovision IPO Listing : शेयर बाजार में हाल ही में सूचीबद्ध हुई Innovision ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग उम्मीद के मुताबिक मजबूत नहीं रही और यह लगभग 10 प्रतिशत के डिस्काउंट पर बाजार में उतरा। जिन निवेशकों ने आईपीओ में पैसा लगाया था, उन्हें पहले ही दिन नुकसान का सामना करना पड़ा। बाजार के जानकारों का कहना है कि लिस्टिंग से पहले ही इसके संकेत मिल रहे थे। आईपीओ खुलने के दौरान ही ग्रे मार्केट में इसके प्रीमियम को लेकर खास उत्साह देखने को नहीं मिला था।
निवेशकों के बीच यह चर्चा थी कि ग्रे मार्केट में कमजोर प्रदर्शन लिस्टिंग के दिन भी असर डाल सकता है। इसी कारण कई निवेशकों ने इस आईपीओ से दूरी बनाकर रखी। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रे मार्केट की धारणा अक्सर लिस्टिंग के रुझान का संकेत दे देती है।
Innovision IPO Listing
कंपनी के शेयर लगभग 9.88 प्रतिशत के डिस्काउंट पर लिस्ट हुए। इसका सीधा असर आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों पर पड़ा। एक शेयर पर करीब 51.30 रुपये का नुकसान हुआ। अगर किसी निवेशक ने पूरा लॉट खरीदा था तो उसे शुरुआती कारोबार में ही घाटा झेलना पड़ा। इस आईपीओ का लॉट साइज 27 शेयरों का तय किया गया था। ऐसे में एक लॉट लेने वाले निवेशक को कुल मिलाकर करीब 1385 रुपये का नुकसान हुआ। शेयर बाजार में कीमतें लगातार बदलती रहती हैं, इसलिए भविष्य में स्थिति सुधर भी सकती है। फिलहाल पहले दिन की शुरुआत निवेशकों के लिए निराशाजनक रही।
निवेशकों में दिखी सावधानी
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाल के समय में निवेशक आईपीओ में पैसा लगाने से पहले ज्यादा सतर्क हो गए हैं। कंपनी के फंडामेंटल, बाजार की स्थिति और ग्रे मार्केट ट्रेंड को देखकर ही निवेश का फैसला लिया जा रहा है। इसी वजह से जिन आईपीओ में ज्यादा भरोसा नहीं दिखता, उनमें निवेशकों की दिलचस्पी कम हो जाती है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि आने वाले दिनों में कंपनी का शेयर कैसा प्रदर्शन करता है। कई बार कमजोर लिस्टिंग के बाद भी कंपनियों के शेयर धीरे-धीरे संभल जाते हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी होगा कि वे जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय कंपनी के प्रदर्शन और बाजार के रुख को ध्यान में रखकर आगे की रणनीति तय करें।
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