UP News : बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए इस बार पढ़ाई की शुरुआत आसान होने जा रही है। जिले में नए शैक्षिक सत्र के शुरू होने से पहले ही मुफ्त पाठ्य पुस्तकों की व्यवस्था कर दी गई है। शिक्षा विभाग के अनुसार बदायूं जिले के लिए 25 लाख से ज्यादा किताबें मंगाई जा चुकी हैं। इन्हें ब्लॉक स्तर तक पहुंचा दिया गया है और जल्द ही प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में भेजा जाएगा, ताकि बच्चों को समय पर किताबें मिल सकें और पढ़ाई बिना देरी के शुरू हो सके।
बदायूं में बेसिक शिक्षा परिषद के तहत दो हजार से अधिक प्राथमिक और करीब 600 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए शासन से पहले ही पुस्तकों की मांग की गई थी।
UP News: नए सत्र से पहले ही बच्चों को मिलेंगी किताबें
विभाग ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र के साथ ही बच्चों के हाथों में किताबें पहुंच जाएं। इससे पढ़ाई की शुरुआत में होने वाली देरी को रोका जा सकेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिले के लिए हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामाजिक विज्ञान, पर्यावरण अध्ययन, विज्ञान, संस्कृत, स्काउट-गाइड और शारीरिक शिक्षा जैसे विषयों की बड़ी संख्या में किताबें मंगाई गई हैं। इन सभी पुस्तकों को ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर पहुंचा दिया गया है। अब यहीं से इन्हें अलग-अलग स्कूलों तक भेजा जाएगा, ताकि कक्षा एक से लेकर आठ तक के विद्यार्थियों को पूरी पाठ्य सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जा सके।
नए प्रवेश लेने वाले बच्चों के लिए भी तैयारी
विभाग का कहना है कि इस बार नए नामांकन को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त किताबों की भी व्यवस्था की गई है। अगर किसी स्कूल में नए बच्चे प्रवेश लेते हैं, तो उन्हें उसी समय पाठ्य पुस्तकें दे दी जाएंगी। साथ ही बच्चों को अभ्यास के लिए कार्य पुस्तिकाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। शासन के निर्देशों के अनुसार ब्लॉक स्तर से स्कूलों तक किताबें पहुंचाने की जिम्मेदारी तय की गई है और इसके लिए परिवहन खर्च भी सरकार की ओर से दिया जाता है।
स्कूल चलो अभियान से बढ़ेगा नामांकन
नए सत्र के साथ ही परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़ाने के लिए “स्कूल चलो अभियान” भी शुरू किया जाएगा। अप्रैल के पहले सप्ताह से स्कूलों की ओर से रैलियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश कराया जा सके। हालांकि अभी तक इसका आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है, लेकिन विभाग स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। स्कूलों में नए दाखिला लेने वाले बच्चों का स्वागत विशेष तरीके से किया जाएगा। प्रधानाध्यापक और शिक्षक बच्चों को तिलक लगाकर उनका अभिनंदन करेंगे और नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को भी जिम्मेदारी दी गई है कि वे अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित करें।
अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी Virendra Kumar Singh ने बताया कि जिले के लिए नई पाठ्य पुस्तकें आ चुकी हैं और सत्र शुरू होने से पहले सभी स्कूलों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि बच्चों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके।
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