Sheetla Ashtami 2026:- शीतला अष्टमी का हिंदू धर्म में बहुत ही खास महत्व है इस दिन मां शीतला की पूजा अर्चना की जाती है यह एक केवल व्रत नहीं बल्कि स्वास्थ्य और परंपरा से जुड़ा एक अनूठा संगम है जिसे लोग बहुत ही श्रद्धा और भावना के साथ मनाते हैं। मान्यता है कि इस दिन अगर आप माता शीतला की पूजा पाठ करते हैं और व्रत रखते हैं तो आपके मन की सभी मुरादे पूरी होती है। जीवन में कई रोगों से छुटकारा मिल जाएगा और कई समस्याओं का हाल होगा।
कब मनाई जाएगी शीतला अष्टमी?
शीतला अष्टमी को इस साल 2026 में 11 मार्च दिन बुधवार यानी कि आज मनाया जाएगा। इस दिन अगर आप माता शीतला की पूजा अर्चना करते हैं उनकी और ऐसा करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। जीवन में रोगों से और सभी बीमारियों से छुटकारा मिल जाता है इससे सुरक्षा होती है और मान्यता है कि यह व्रत स्वास्थ्य और परंपरा का एक अनूठा संगम है।
शीतला माता की आरती
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता,
आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता। जय शीतला माता…
रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता,
ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, जगमग छवि छाता। जय शीतला माता…
विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता,
इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा,
सूरज ताल बजाते नारद मुनि गाता। जय शीतला माता…
घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता,
करै भक्त जन आरति लखि लखि हरहाता। जय शीतला माता…
ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता,
भक्तन को सुख देनौ मातु पिता भ्राता। जय शीतला माता…
वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता । जय शीतला माता…
जो भी ध्यान लगावें प्रेम भक्ति लाता,
सकल मनोरथ पावे भवनिधि तर जाता। जय शीतला माता…
रोगन से जो पीड़ित कोई शरण तेरी आता,
कोढ़ी पावे निर्मल काया अन्ध नेत्र पाता। जय शीतला माता…
बांझ पुत्र को पावे दारिद कट जाता,
ताको भजै जो नाहीं सिर धुनि पछिताता।
जय शीतला माता…शीतल करती जननी तू ही है जग त्राता,
उत्पत्ति व्याधि विनाशत तू सब की घाता। जय शीतला माता…
दास विचित्र कर जोड़े सुन मेरी माता,
भक्ति आपनी दीजे और न कुछ भाता।
जय शीतला माता…।
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