Uttarpradesh News:- उत्तरप्रदेश में किसान आईडी बहुत जरूरी कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक 1 जून से उत्तरप्रदेश में किसान आईडी के बिना खाद भी नहीं मिलेगी ना ही किसी योजना का लाभ मिलेगा। जानकारी के मुताबिक किसानों को अब इस आईडी के जरिए ही खाद दिया जाएगा और यह व्यवस्था 1 जून से शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा कई योजनाओं और अनुदान का लाभ भी इस आईडी के जरिए ही दिया जाएगा। उत्तरप्रदेश में किसानों के खेत के खाता नंबर और रकबा को आधार से लिंक करके किसान रजिस्ट्री हो रही है। इसके बाद किसान को एक आईडी दी जाती है।
इस आईडी से किसान की पहचान बनेगी और साथ ही इस बात की भी जानकारी है कि अब तक लगभग 2 करोड़ से ज्यादा किसानों ने यह आईडी बना ली है। खाद बिक्री के लिए या अन्य योजनाओं का लाभ उठाने के लिए यह किसान आईडी बहुत जरूरी है। इस व्यवस्था को 1 जून से लागू किया जाएगा। ए-फॉश मशीन के जरिए खाद खरीदते समय किस इस आईडी का इस्तेमाल करेगा। जिससे इस बात की जानकारी मिलेगी कि किसान अब तक कितना खाद खरीद चुका है। इसके अलावा गांव में इस आईडी के लिए शिविर भी लगाए जा रहे हैं।
किसानों को कितना खाद मिलेगा
किसानों को कृषि विभाग की तरफ से रबी सीजन में प्रति हेक्टेयर लगभग 7 बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी दी जाएगी। रबी और खरीफ की फसल में किसानों को 14 बोरी यूरिया और 10 बोरी डीएपी दी जा सकेगी।
कितनी किसान आइडिया बनी
किसान आईडी बनाने का काम पूरे साल भर से चला आ रहा है। ऐसे में अब तक लगभग 2.88 करोड़ किसानों की आईडी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन अब 88 लाख किसानों की आईडी तैयार होना बाकी है। ऐसे में अब संशय है कि यह आइडिया तैयार हो पाएंगे या नहीं।
पीएम किसान निधि का नहीं मिलेगा लाभ
उत्तरप्रदेश में लगभग 1.75 करोड़ से ज्यादा किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठाते हैं। ऐसे में केवल 10 लाख की आइडिया अब तक बन चुकी है। लेकिन जिन लोगों की आईडी अब ऐसे में नहीं बनी है, उनको बना लेना चाहिए वरना उनकी पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त अटक सकती है।
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