Team India : भारतीय क्रिकेट में गौतम गंभीर का नाम हमेशा उनकी आक्रामक शैली और साफ सोच के लिए जाना जाता रहा है। खिलाड़ी के रूप में भी वह अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर थे और कोच बनने के बाद भी वही रवैया बरकरार है। आक्रामकता और आत्मविश्वास के बीच संतुलन बनाकर काम करना उनकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। रविवार को टीम इंडिया की एक और बड़ी जीत के बाद यह साफ हो गया कि गंभीर अपने फैसलों पर भरोसा रखते हैं और उन्हें अंजाम तक पहुंचाने की क्षमता भी रखते हैं।
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी कोच की अगुआई में टीम ने इतने कम समय में दो बड़े आईसीसी खिताब जीते हों। भारतीय क्रिकेट टीम ने गंभीर की कोचिंग में लगातार दो वर्षों में दो व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट अपने नाम किए।
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2025 में चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 में आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 जीतकर भारत ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि के साथ गंभीर भारत को दो आईसीसी ट्रॉफी जिताने वाले पहले कोच बन गए हैं। गंभीर का कार्यकाल सिर्फ उपलब्धियों के कारण ही नहीं, बल्कि लगातार चर्चा में रहने की वजह से भी सुर्खियों में रहा है। कई मौकों पर टीम चयन और वरिष्ठ खिलाड़ियों से जुड़े फैसलों को लेकर बहस भी हुई। सोशल मीडिया पर आलोचना और अटकलों का दौर भी चलता रहा, लेकिन इन सबके बीच उन्होंने अपने काम पर ही ध्यान दिया। भारतीय क्रिकेट में कोच के तौर पर इतनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं शायद ही किसी को मिली हों, जैसा गंभीर के साथ देखने को मिला।
मिला बोर्ड का भरोसा
हालांकि टीम का प्रदर्शन हर फॉर्मेट में एक जैसा नहीं रहा। टेस्ट क्रिकेट में अपेक्षा से कम नतीजे आने के बावजूद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उन पर भरोसा बनाए रखा। माना जाता है कि जय शाह समेत बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों का समर्थन उन्हें लगातार मिलता रहा। इसी भरोसे ने गंभीर को अपने फैसलों पर डटे रहने का आत्मविश्वास दिया। गंभीर की सफलता का एक बड़ा कारण टीम के कप्तानों के साथ उनका तालमेल भी रहा है। 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी भारत ने रोहित शर्मा की कप्तानी में जीती थी, जबकि 2026 का टी20 विश्व कप सूर्यकुमार यादव की अगुआई में आया। दो अलग-अलग कप्तानों के साथ बड़े टूर्नामेंट जीतना इस बात का संकेत है कि टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों के बीच मजबूत समझ बनी हुई है।
सबसे सफल कोचों में शामिल
अगर टेस्ट क्रिकेट को अलग रख दिया जाए तो सीमित ओवरों के क्रिकेट में गंभीर का रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। पिछले करीब डेढ़ साल में टीम इंडिया ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। दो आईसीसी ट्रॉफियों के साथ उन्होंने खुद को भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कोचों में शामिल कर लिया है। आने वाले वर्षों में उनका कार्यकाल टीम इंडिया की सफलता की कहानी का अहम अध्याय बन सकता है।
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