Crude Oil : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। हाल के दिनों में क्षेत्र में जारी टकराव और सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से ऊपर चली गई हैं। अमेरिका का प्रमुख तेल बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल करीब 25 प्रतिशत की बढ़त के साथ लगभग 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।
वहीं, वैश्विक बाजार का प्रमुख मानक ब्रेंट क्रूड भी करीब 23 प्रतिशत महंगा होकर लगभग 114 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर क्षेत्रीय तनाव लंबा खिंचता है तो तेल की कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है।
Crude Oil की कीमतों में भारी उछाल
तेल की कीमतों में इस तेजी के बीच भारत में भी पेट्रोल और डीजल के महंगे होने की आशंका जताई जा रही थी। हालांकि सरकार ने फिलहाल राहत भरी बात कही है। अधिकारियों के मुताबिक देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है और पेट्रोल पंपों पर कीमतें बढ़ाने की कोई तत्काल योजना नहीं है। सरकार का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है, लेकिन अभी उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
पेट्रोल-डीजल के भाव
राजधानी नई दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यहां पेट्रोल का दाम 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है। तेल कंपनियां वैश्विक बाजार की स्थिति और सरकार के निर्देशों के आधार पर कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है।
अचानक बढ़े ईंधन के दाम
दूसरी ओर पड़ोसी पाकिस्तान में तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है। पाकिस्तानी सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल दोनों की कीमतों में करीब 55 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का ऐलान किया है। नई दरें 7 मार्च की आधी रात से लागू हो गई हैं। इस फैसले के बाद वहां पेट्रोल की कीमत 321.17 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल 335.86 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है। सरकार के इस फैसले का ऐलान उप प्रधानमंत्री इसहाक डार, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया।
रसोई गैस से बढ़ी चिंता
इधर भारत में घरेलू रसोई गैस की कीमतों में हाल ही में बढ़ोतरी कर दी गई है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये का इजाफा हुआ है, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ाई गई है। नई दरों के बाद दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये से बढ़कर 913 रुपये हो गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
टिकी दुनिया की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट की स्थिति अगर जल्द सामान्य नहीं हुई तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर पड़ सकता है। फिलहाल भारत सरकार की ओर से राहत जरूर मिली है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। आने वाले दिनों में कच्चे तेल की चाल ही यह तय करेगी कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी या उनमें बदलाव देखने को मिलेगा।
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