TCS News : टाटा समूह की सबसे बड़ी और मूल्यवान कंपनी टाटा कंसल्टेंसी लिमिटेड (TCS) के लिए 12 फरवरी का दिन निराशाजनक साबित हुआ। आईटी शेयरों में जारी व्यापक बिकवाली के चलते TCS का बाजार पूंजीकरण गिरकर 10.04 लाख करोड़ रुपये रह गया। इसी बीच ICICI बैंक ने तेजी दिखाते हुए 10.22 लाख करोड़ रुपये का बाजार पूंजीकरण हासिल किया और TCS को पीछे छोड़ते हुए पांचवीं सबसे बड़ी भारतीय कंपनी बन गया।
11 फरवरी को SBI ने TCS को चौथे स्थान से पीछे धकेल दिया था। वहीं 12 फरवरी को ICICI बैंक के शेयरों में लगभग 2 प्रतिशत की तेजी आई। इसके विपरीत, TCS के शेयर लगभग 5 प्रतिशत टूट गए। इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी और IT क्षेत्र में भारी बेच-खरीद का माहौल पैदा किया।
TCS के मार्केट कैप में आई गिरावट
विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय IT कंपनियों के शेयरों में यह गिरावट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चिंताओं के कारण आई है। अमेरिका में जनवरी की जॉब्स रिपोर्ट उम्मीद से बेहतर रही, लेकिन AI से जुड़े जोखिम ने निवेशकों को सतर्क कर दिया। इस दौरान वॉल स्ट्रीट पर इंफोसिस और विप्रो के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स (ADRs) में 5.2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी IT इंडेक्स की कमजोरी
साल 2025 में निफ्टी IT इंडेक्स लगभग 13 प्रतिशत गिर चुका था। साल 2026 में अब तक इंडेक्स में 11 प्रतिशत की कमजोरी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से आने वाली चुनौतियों के डर ने सॉफ्टवेयर सर्विस कंपनियों की कमाई पर असर डालने की आशंका पैदा कर दी है। विश्लेषकों का कहना है कि TCS जैसे बड़े IT शेयरों की कमजोरी निवेशकों के लिए अलर्ट है। AI से जुड़ी चुनौतियों, वैश्विक मांग में बदलाव और विदेशी बाजार में अस्थिरता के कारण IT क्षेत्र में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को सतर्क रहना होगा और रणनीति के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि IT सेक्टर की वास्तविक ताकत और कंपनियों की क्षमता आने वाले महीनों में शेयर मूल्य को तय करेगी। TCS के लिए चुनौती यह है कि वह बाजार की गिरावट और AI से जुड़ी आशंकाओं के बीच अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखे।
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