Rahul Gandhi : बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ संसदीय विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। यह नोटिस उसी दिन दिया गया जब राहुल गांधी ने लोकसभा में इंडिया-US ट्रेड डील और 2026-27 के यूनियन बजट पर सवाल उठाए थे। निशिकांत दुबे का आरोप है कि राहुल गांधी ने बिना तथ्यों के आरोप लगाए और सदन की मर्यादा का उल्लंघन किया।
राहुल गांधी ने बीते दिन लोकसभा में राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए उदाहरण दिए, जिसमें उन्होंने खेल में ‘ग्रिप’ और ‘चोक’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस भाषण पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत आपत्ति जताई थी। अब इस मामले में अगर विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो राहुल गांधी की चुनौती और बढ़ सकती है।
Rahul Gandhi को BJP का नोटिस
निशिकांत दुबे के नोटिस में साफ कहा गया है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में असंसदीय भाषा का प्रयोग किया और तथ्यों पर आधारित नहीं होने वाले आरोप लगाए। नोटिस में यह भी लिखा गया है कि सदन की मर्यादा का उल्लंघन हुआ है। इसे लोकसभा की कार्यसूची और नियमावली के अनुसार, Rule 380 के तहत दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “आपलोगों की वे लोग कीवर्ड्स देते हैं क्या?” इस बयान से स्पष्ट है कि राहुल गांधी ने विशेषाधिकार हनन के नोटिस को गंभीरता से कम आंकने की कोशिश की।
#WATCH | Delhi: When asked about a privilege motion being brought against him, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, “Do they give you some keywords?” pic.twitter.com/RRXE9KzADl
— ANI (@ANI) February 12, 2026
पहले भी हुई थी सदस्यता रद्द
राहुल गांधी के राजनीतिक जीवन में पहले भी उनकी सदस्यता रद्द होने का अनुभव रहा है। साल 2023 में 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में सदस्यता बहाल हो गई थी। विशेषाधिकार हनन के नोटिस के बाद राहुल गांधी और बीजेपी के बीच संसदीय टकराव का नया दौर शुरू हो सकता है। यह मामला केवल आरोप और शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद की मर्यादा और राजनीतिक खेल का भी महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है।
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