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BCCI का बड़ा फैसला: केंद्रीय अनुबंध से हटाई ए प्लस श्रेणी, रोहित-विराट बी में खिसके

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BCCI : भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने सोमवार को खिलाड़ियों की नई केंद्रीय अनुबंध सूची जारी कर दी। इस बार सूची में सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि ए प्लस श्रेणी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया। अब खिलाड़ियों को केवल ए, बी और सी इन तीन वर्गों में रखा गया है। यह फैसला सीधे तौर पर मौजूदा टीम संरचना और खिलाड़ियों की भूमिका से जुड़ा माना जा रहा है। लंबे समय से भारतीय क्रिकेट की रीढ़ रहे रोहित शर्मा और विराट कोहली को इस बार ए श्रेणी में जगह नहीं मिली। दोनों को बी श्रेणी में रखा गया है। अब ये दोनों खिलाड़ी केवल वनडे प्रारूप में सक्रिय हैं। बोर्ड का फोकस अब उन खिलाड़ियों पर दिख रहा है, जो तीनों प्रारूपों में निरंतर उपलब्ध और प्रभावी हैं।

नई सूची में ए श्रेणी में केवल तीन खिलाड़ियों को जगह मिली है। शुभमन गिल, जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा इस सूची में शामिल हैं। बुमराह जहां तीनों प्रारूपों में टीम की अगुआ गेंदबाजी संभाल रहे हैं, वहीं जडेजा ऑलराउंडर के रूप में लगातार टीम का अहम हिस्सा बने हुए हैं। गिल को भविष्य की रीढ़ मानते हुए बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।

BCCI का बड़ा फैसला

बीसीसीआई ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि नई श्रेणियों में खिलाड़ियों को कितनी रकम दी जाएगी। पहले ए प्लस में सात करोड़, ए में पांच करोड़, बी में तीन करोड़ और सी में एक करोड़ रुपये सालाना मिलते थे। ए प्लस श्रेणी खत्म होने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बोर्ड भुगतान ढांचे में क्या बदलाव करता है। ए प्लस श्रेणी की शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की सिफारिश पर प्रशासकों की समिति ने की थी। यह श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए थी, जो तीनों प्रारूपों में भारत के लिए मैच विनर साबित हों। सालों तक इस श्रेणी में सिर्फ कोहली, रोहित, जडेजा और बुमराह ही रहे, लेकिन अब टीम की जरूरतें बदल चुकी हैं।

बी और सी श्रेणी

बी श्रेणी में जहां अनुभवी नामों के साथ युवा खिलाड़ी शामिल हैं, वहीं सी श्रेणी पूरी तरह भविष्य की टीम की झलक देती है। ऋतुराज गायकवाड़, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा जैसे नाम संकेत देते हैं कि बोर्ड अब नए चेहरों को लंबी तैयारी का मौका देना चाहता है। नई केंद्रीय अनुबंध सूची यह साफ कर देती है कि बीसीसीआई अब नाम से ज्यादा भूमिका और उपलब्धता को महत्व दे रहा है। तीनों प्रारूप खेलने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता देना आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट की दिशा तय करेगा।

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