Vaibhav Suryavanshi : समस्तीपुर के वैभव सूर्यवंशी का नाम आज क्रिकेट की दुनिया में चमक रहा है, लेकिन अब उनकी जिंदगी के पिच पर एक अलग तरह का मुकाबला शुरू होने जा रहा है। गेंदबाजों की लाइन तोड़ने वाला यह 14 साल का बल्लेबाज़ अब सीबीएसई की 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटा है। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर का दबाव, दूसरी तरफ बोर्ड एग्जाम कि वैभव के लिए यह समय आसान नहीं है।
मॉडेस्टी स्कूल के प्राचार्य आदर्श कुमार उर्फ पिंटू के मुताबिक वैभव का एडमिट कार्ड जारी हो चुका है। परीक्षा केंद्र पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में तय किया गया है। वैभव परीक्षा देंगे या नहीं, इस पर अंतिम फैसला बोर्ड स्तर पर होना है। स्कूल प्रबंधन इस बात को लेकर उत्साहित है कि उनका छात्र देशभर में जिले का नाम रोशन कर रहा है।
Vaibhav Suryavanshi के सामने फरवरी की दोहरी चुनौती
वैभव के लिए फरवरी और मार्च का महीना बेहद व्यस्त रहने वाला है। सीबीएसई 10वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 11 मार्च तक चलेंगी। इसी दौरान क्रिकेट से जुड़ी जिम्मेदारियां भी कम नहीं होंगी। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि वैभव पढ़ाई और खेल के बीच किस तरह संतुलन बनाते हैं। क्रिकेट फैंस के लिए वैभव पहले ही हीरो बन चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में उन्होंने 55 गेंदों पर 175 रन की तूफानी पारी खेली थी। इसी पारी के दम पर भारत ने छठी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
रिकॉर्ड, अवॉर्ड और नई पहचान
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के चलते वैभव को फाइनल का प्लेयर ऑफ द मैच और टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। वह ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने। इसके अलावा, उन्होंने टूर्नामेंट का दूसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया, जिसने चयनकर्ताओं और क्रिकेट दिग्गजों का ध्यान खींचा। वैभव सूर्यवंशी आज उस मोड़ पर खड़े हैं, जहां हर फैसला भविष्य की दिशा तय करेगा। एक ओर इंटरनेशनल क्रिकेट की चमक है, दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा की बुनियाद। देखना दिलचस्प होगा कि यह युवा सितारा मैदान के साथ-साथ परीक्षा हॉल में भी वैसी ही बल्लेबाज़ी कर पाता है या नहीं।





