Kamal Haasan : संसद के उच्च सदन राज्यसभा में चुनावी प्रक्रिया और मतदान अधिकार को लेकर गंभीर बहस देखने को मिली। अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने ऐसा मुद्दा उठाया, जिसने सत्ता और विपक्ष दोनों का ध्यान खींच लिया। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान बोलते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए और कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव जीतने का नाम नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का भी नाम है।
कमल हासन ने अपने भाषण में बिहार का उदाहरण सामने रखा। उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जो कुछ हुआ, वह केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है।
Kamal Haasan ने उठाया बिहार का मुद्दा
हासन के मुताबिक, बिहार में सामने आई घटनाएं पूरे देश के लिए चेतावनी हैं और अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो इसका असर राष्ट्रीय स्तर पर दिख सकता है। हासन ने कहा कि यह विडंबना है कि एक मतदाता वोट डालने के लिए तैयार है, लेकिन उससे पहले उसके अस्तित्व पर ही सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तनी, पते या दस्तावेजों में मामूली त्रुटियों के आधार पर लोगों को मतदान सूची से बाहर किया जा रहा है। यह प्रशासनिक विफलता है, न कि आम नागरिक की गलती, फिर भी खामियाजा मतदाता को भुगतना पड़ रहा है।
‘जिंदा मुर्दों’ वाली टिप्पणी से मचा हलचल
अपने भाषण के दौरान कमल हासन ने बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान बिहार में कई जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि बिहार कई जिंदा मुर्दों की भूमि बन गया है। यह टिप्पणी सदन में चर्चा का केंद्र बन गई और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर गई। हासन ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग इस समस्या को सुलझाने के बजाय इसे और जटिल बना रहा है। उन्होंने SIR प्रक्रिया को ‘जीवित मृतकों की स्पेल-चेक कहानी’ करार दिया और कहा कि भाषाई विविधता वाले देश में इस तरह की सख्ती लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है।
#WATCH MNM के संस्थापक और राज्यसभा सांसद कमल हासन दिल्ली से रवाना हो गए।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 1 फरवरी 2026 तक के लिए स्थगित कर दी गई है। pic.twitter.com/3jpQFY4H2W
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 29, 2026
तमिलनाडु को लेकर जताई बड़ी आशंका
कमल हासन ने चेताया कि अगर यही प्रक्रिया तमिलनाडु जैसे राज्यों में लागू की गई, तो कागजों पर करीब एक करोड़ लोग मतदान अधिकार से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने मांग की कि जिन नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें बिना देरी दोबारा जोड़ा जाए। कमल हासन के भाषण पर विपक्षी खेमे से जोरदार समर्थन मिला। कई सांसदों ने मेज थपथपाकर उनकी बातों का समर्थन किया, वहीं राजद सांसद मनोज झा ने व्यक्तिगत रूप से उनसे हाथ मिलाकर सहमति जताई। अपने भाषण के अंत में हासन ने कहा कि लोकतंत्र कोई एक दिन की प्रक्रिया नहीं है। इसके लिए नागरिक अधिकारों के साथ निरंतर आगे बढ़ना होगा, तब जाकर ही न्याय मिलेगा।
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