Travel Tips : भारत ऐसा देश है, जहां लोगों को सिर्फ काम ही नहीं, बल्कि जिंदगी को खुलकर जीना भी आता है। यहां के लोग नए स्वाद, नई जगहें और नए अनुभव तलाशने में हमेशा आगे रहते हैं। परिवार के साथ छुट्टियां बिताना हो, दोस्तों संग ट्रिप या फिर पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम घूमना अब शौक नहीं, जरूरत बन चुका है। भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग कुछ दिन सुकून चाहते हैं, जहां न दफ्तर की टेंशन हो, न रोजमर्रा की चिंता। यही वजह है कि भारतीय सैलानी हर साल बड़ी संख्या में देश और विदेश की ओर रुख करते हैं।
यूरोप, अमेरिका या मालदीव जैसे डेस्टिनेशन हर किसी के सपनों में होते हैं, लेकिन बजट अक्सर आड़े आ जाता है। महंगे होटल, वीजा की जटिलताएं और फ्लाइट का खर्च आम आदमी को पीछे रोक देता है। ऐसे में भारतीय पर्यटक ऐसे देश तलाशते हैं, जहां विदेश का एहसास भी मिले और खर्च भी काबू में रहे। यही सोच भारतीयों की ट्रैवल पसंद को नई दिशा दे रही है।
Travel Tips: कम बजट में विदेश घूमने का सपना
चर्चाओं में भले ही बैंकॉक या मालदीव का नाम ज्यादा आता हो, लेकिन आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। बीते कुछ वर्षों में जिस जगह भारतीयों की भीड़ सबसे ज्यादा बढ़ी है, वह है संयुक्त अरब अमीरात। खासकर दुबई, जो अब भारतीय पर्यटकों की पहली पसंद बन चुका है। हर साल लाखों भारतीय यहां छुट्टियां मनाने पहुंच रहे हैं। दुबई की करेंसी भारतीय रुपये से कहीं मजबूत है, इसके बावजूद भारतीय यहां जमकर खर्च कर रहे हैं। यहां घूमना यूरोप या अमेरिका के मुकाबले कहीं सस्ता पड़ता है। सीमित बजट में लग्जरी का अनुभव, साफ-सुथरा शहर और सुरक्षित माहौल भारतीय परिवारों और कपल्स को खूब लुभाता है। कम समय में ज्यादा एक्सपीरियंस दुबई की सबसे बड़ी ताकत है।
कम बजट में शानदार ट्रिप
अगर प्लानिंग सही हो, तो दुबई की ट्रिप ज्यादा भारी नहीं पड़ती। 5 से 8 हजार रुपये में ठीक-ठाक होटल मिल जाते हैं। लोकल फूड, स्ट्रीट कैफे और इंडियन रेस्टोरेंट खाने के खर्च को कंट्रोल में रखते हैं। घूमने-फिरने और ट्रांसपोर्ट पर रोजाना 1000 से 1500 रुपये में काम चल जाता है। यही कारण है कि यह शहर मिडिल क्लास ट्रैवलर्स के लिए भी आसान बन गया है। दुबई का वीजा प्रोसेस भारतीयों के लिए बेहद सरल है, जो इसे और आकर्षक बनाता है। वहीं, मेट्रो, टैक्सी और टूरिस्ट बसों का नेटवर्क इतना मजबूत है कि पहली बार जाने वाला सैलानी भी बिना परेशानी घूम सकता है। समय की बचत और सुविधा यहां बड़ा प्लस पॉइंट है।
चमकदार दुनिया
दुबई में बुर्ज खलीफा, दुबई मॉल, मिरेकल गार्डन, डेजर्ट सफारी और म्यूजियम ऑफ द फ्यूचर जैसी जगहें हर उम्र के लोगों को पसंद आती हैं। रात की नाइटलाइफ, बीच और शो शहर को और खास बना देते हैं। वहीं, आबूधाबी में शेख जायद ग्रैंड मस्जिद, फेरारी वर्ल्ड और यास आइलैंड सैलानियों को अलग अनुभव देते हैं। दुबई पहुंचते ही भारतीय रुपये की कीमत साफ नजर आने लगती है। 100 रुपये वहां महज कुछ दिरहम में सिमट जाते हैं। इसी वजह से समझदार सैलानी पहले से पूरा बजट बनाकर चलते हैं। बिना प्लानिंग खर्च करने पर ट्रिप भारी पड़ सकती है।
ग्लोबल ट्रैवल प्लेटफॉर्म्स की रिपोर्ट बताती हैं कि 2023 और 2024 में भारतीयों ने सबसे ज्यादा दुबई की बुकिंग की। इस साल भी यही ट्रेंड जारी है। दुबई अब सिर्फ एक ट्रैवल डेस्टिनेशन नहीं, बल्कि भारतीयों की आदत बन चुका है।





