CM Yogi : सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में आम लोगों से सीधे मुलाकात कर शासन की संवेदनशील तस्वीर पेश की। एक-एक कर प्रार्थियों को बुलाया गया, आवेदन लिए गए और हर मामले पर मौके पर ही अफसरों को दिशा-निर्देश दिए गए। यह दृश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही का संदेश भी समस्याएं फाइलों में नहीं, जमीन पर सुलझें ही था।
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों, राजस्व और पुलिस अधिकारियों को साफ कहा कि किसी भी शिकायत को हल्के में न लिया जाए। अवैध कब्जे, पारिवारिक विवाद, जमीन से जुड़े मामले और प्रशासनिक लापरवाही हर शिकायत पर जांच हो और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री का जोर था कि जनपदों में भी यही संवेदनशीलता दिखे।
CM Yogi ने सुनी लोगों की फरियाद
एक महिला अपने बीमार बच्चे के साथ पहुंची। बच्चे का इलाज केजीएमयू में चल रहा था और आर्थिक तंगी आड़े आ रही थी। मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के नागरिक सरकार का परिवार हैं और इलाज धन के अभाव में नहीं रुकेगा। यह बात सुनते ही महिला की आंखों में राहत साफ दिखी।
नन्ही सलामी ने जीता दिल
जनता दर्शन में बच्चों की मौजूदगी ने माहौल को भावुक बना दिया। एक बच्ची ने मुख्यमंत्री को सैल्यूट किया। योगी आदित्यनाथ ने मुस्कुराकर उसका नाम पूछा, पढ़ाई के बारे में जाना और आशीर्वाद दिया। बच्चों को चॉकलेट देते हुए उन्होंने कहा कि मेहनत से पढ़ो, यही आगे बढ़ने का रास्ता है। एक अन्य बच्ची ने हिम्मत जुटाकर मुख्यमंत्री को कविता सुनाई। देशभक्ति से भरी पंक्तियां सुनकर मुख्यमंत्री ने खुले मन से तारीफ की। बच्ची से स्कूल जाने और नियमित पढ़ाई का वादा लिया गया। वहीं, शिक्षा से जुड़ी समस्या सामने आने पर मौके पर ही एडमिशन कराने के निर्देश दिए गए।
25 करोड़ उत्तर प्रदेश वासियों की सेवा और सुरक्षा महाराज जी की शीर्ष प्राथमिकता है…
लोक-कल्याण के साधक, सुशासन के प्रतीक मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज ने आज लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं… pic.twitter.com/TBpiTOrUzi
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) February 2, 2026
अवैध कब्जों पर सख्त रुख
जनता दर्शन में कई शिकायतें अवैध कब्जे से जुड़ी थीं। मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों की बात सुनी और फिर साफ निर्देश दिए कि जांच निष्पक्ष हो, लेकिन कार्रवाई बेझिझक। उनका कहना था कि कानून का डर ही न्याय की पहली सीढ़ी है। जनता दर्शन केवल फरियाद सुनने का मंच नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासन के लिए आईना भी बना। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनता की सुनवाई टालना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी।
बता दें कि जनता दर्शन जैसे कार्यक्रम शासन और समाज के बीच भरोसे की डोर मजबूत करते हैं। जब शीर्ष नेतृत्व खुद फरियादी की आंखों में आंख डालकर बात करता है, तो व्यवस्था में विश्वास बढ़ता है। बच्चों को लेकर मुख्यमंत्री का रवैया यह संदेश देता है कि शिक्षा और संवेदना सरकार की प्राथमिकता है।
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