Share Market : 19 से 23 जनवरी 2026 के कारोबारी सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में तेज हलचल देखने को मिली। सप्ताह की शुरुआत ही भारी बिकवाली के साथ हुई, जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया। निफ्टी 25,000 के करीब फिसल गया, जबकि सेंसेक्स भी 81,500 के नीचे पहुंच गया। हालांकि, सप्ताह के मध्य में थोड़ी राहत मिली और बाजार ने सीमित रिकवरी दिखाई, लेकिन यह तेजी टिक नहीं सकी और अंत में फिर गिरावट का दबाव हावी हो गया।
मिड-वीक रिकवरी के दौरान निफ्टी लगभग 25,290 तक पहुंचा और सेंसेक्स 82,300 के ऊपर निकल गया था। निवेशकों को उम्मीद थी कि बाजार स्थिरता की ओर बढ़ेगा, लेकिन ये उम्मीदें ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकीं।
Share Market में उतार-चढ़ाव जारी
सप्ताह के आखिरी सत्रों में दोबारा बिकवाली तेज हुई, जिससे निफ्टी करीब 25,050 और सेंसेक्स लगभग 81,540 के स्तर पर बंद हुआ। विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार पर कई नकारात्मक कारकों का एक साथ असर पड़ा। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने दबाव बढ़ाया। इसके अलावा, तीसरी तिमाही के अपेक्षाकृत कमजोर कॉर्पोरेट नतीजे खासतौर पर आईटी और कंजम्पशन सेक्टर में निवेशकों का भरोसा कमजोर करते दिखे। रुपये की गिरती कीमत और वैश्विक व्यापार से जुड़ी अनिश्चितताओं ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
सपोर्ट और ट्रेंड क्या कहता है?
तकनीकी संकेतों के अनुसार, निफ्टी ने 25,400 के महत्वपूर्ण सपोर्ट को तोड़ दिया है और अब 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे कारोबार कर रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इंडेक्स 24,900 के आसपास रीटेस्ट कर सकता है। यदि यह स्तर भी टिक नहीं पाया, तो 24,500 से 24,400 के बीच का जोन अगला अहम सपोर्ट बन सकता है। हालांकि, इतनी बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम मानी जा रही है।
ट्रेडर्स के लिए रणनीति
विशेषज्ञों का कहना है कि हालिया चार्ट्स में कुछ तकनीकी संकेत गिरावट की गति में कमी का इशारा कर रहे हैं। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) में संभावित पॉजिटिव डायवर्जेंस के संकेत मिल रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि बाजार जल्द ही बेस-बिल्डिंग फेज में प्रवेश कर सकता है। हालांकि, निवेशकों और ट्रेडर्स को जल्दबाजी में बड़े दांव लगाने से बचने और स्पष्ट संकेत मिलने तक धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
बिकवाली का दबाव
बैंक निफ्टी के लिए बीता सप्ताह और भी चुनौतीपूर्ण रहा। इंडेक्स ने 59,000 के अपने पुराने सपोर्ट को तोड़ दिया और 58,300 के करीब नया निचला स्तर बना लिया। यह बैंकिंग सेक्टर में कमजोर ट्रेंड और निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दबाव जारी रहा, तो बैंक निफ्टी 57,800 के आसपास अगला अहम सपोर्ट तलाश सकता है।
आगे का रोडमैप
तकनीकी नजरिए से, बैंक निफ्टी में किसी भी रिकवरी को 59,000 से 59,600 के बीच मजबूत रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। यह जोन शॉर्ट-टर्म में सप्लाई एरिया की तरह काम कर सकता है। फिलहाल ट्रेडर्स को सलाह दी जा रही है कि वे आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें और सपोर्ट लेवल के आसपास प्राइस मूवमेंट पर बारीकी से नजर रखें। बाजार अभी अस्थिर दौर से गुजर रहा है। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में कमजोरी के संकेत मौजूद हैं, लेकिन आने वाले सत्रों में टेक्निकल रिकवरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। निवेशकों के लिए फिलहाल सबसे बेहतर रणनीति सतर्क रहना, जोखिम को सीमित रखना और स्पष्ट ट्रेंड बनने का इंतजार करना है।
(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Headlines India News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)
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