Gupt Navratra:- माघ महीने में गुप्त नवरात्रि पड़ रहे हैं। गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है। इस दौरान अगर आप व्रत रखते हैं और मां दुर्गा की पूजा अर्चना करते हैं तो सभी मनोकामना पूर्ण होती है। जीवन में सफलता, संकट मुक्ति, धन प्राप्ति और सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है। गुप्त नवरात्र में कुछ मंत्रों को जपने से जीवन के सभी कष्ट समाप्त होते हैं और इसका विशेष लाभ मिलता है। गुप्त नवरात्रि बहुत ही खास होते हैं। इस दौरान पूजा-पाठ से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
गुप्त नवरात्र का महत्व
हिंदू धर्म में गुप्त नवरात्रि का बहुत ही खास महत्व है। गुप्त नवरात्रि में अगर आप घाट की स्थापना करते हैं तो इस दौरान आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होगा। अगर आप गुप्त नवरात्रि के दौरान इन मंत्रों का जाप करते हैं तो घर में सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहेगी और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होगी। गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा अर्चना की जाती है।
मां दुर्गा के मंत्र
1. या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु दयारूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
या देवी सर्वभूतेषु शांतिरूपेण संस्थिता,
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
2. पाप नाशक मंत्र
हिनस्ति दैत्येजंसि स्वनेनापूर्य या जगत् ।
सा घण्टा पातु नो देवि पापेभ्यो नः सुतानिव ॥
3. संकट से मुक्ति के लिए मंत्र
शरणागत दीनार्त परित्राण परायणे ।
सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमो स्तुते ॥
4. रोग रक्षा मंत्र
रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभिष्टान् ।
त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्माश्रयतां प्रयान्ति ॥
5. पुत्र प्राप्ति मंत्र
देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते ।
देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः ॥
6. दुख नाशक मंत्र
जयन्ती मड्गला काली भद्रकाली कपालिनी ।
दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमो स्तुते ॥
7. शक्ति प्राप्ति के लिए मंत्र
सृष्टि स्तिथि विनाशानां शक्तिभूते सनातनि ।
गुणाश्रेय गुणमये नारायणि नमो स्तुते ॥
8. धन प्राप्ति के लिए मंत्र
“दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तो:
स्वस्थै: स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।
दारिद्र्यदु:खभयहारिणि का त्वदन्या
सर्वोपकारकरणाय सदाऽऽर्द्रचित्ता॥”
9. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
10. पठित्वा पाठयित्वा च नरो मुच्येत सङ्कटात् ॥
उमा देवी शिरः पातु ललाटं शूलधारिणी ।
चक्षुषी खेचरी पातु वदनं सर्वधारिणी ॥
जिह्वां च चण्डिका देवी ग्रीवां सौभद्रिका तथा ।
अशोकवासिनी चेतो द्वौ बाहू वज्रधारिणी ॥
हृदयं ललिता देवी उदरं सिंहवाहिनी ।
कटिं भगवती देवी द्वावूरू विन्ध्यवासिनी ॥
महाबाला च जङ्घे द्वे पादौ भूतलवासिनी
एवं स्थिताऽसि देवि त्वं त्रैलोक्यरक्षणात्मिके ।रक्ष मां सर्वगात्रेषु दुर्गे दॆवि नमोऽस्तु ते ॥
Read More:- मध्यप्रदेश में नजर आ रहा पश्चिमी विक्षोभ का असर, लगभग 10 जिलों में बारिश का अलर्ट हुआ जारी





