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FD पर मात्र एक फॉर्म जमाकर बचाया जा सकता है TDS, बैंकों के लिए ये नियम मानना जरूरी

FD TDS
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FD TDS : फिक्स्ड डिपॉजिट लंबे समय से सुरक्षित निवेश का भरोसेमंद जरिया माना जाता है। खासकर सीनियर सिटीजन के लिए FD इसलिए पसंदीदा है, क्योंकि इसमें जोखिम न के बराबर होता है और रिटर्न पहले से तय रहता है। बैंक या वित्तीय संस्थान में एक तय अवधि के लिए रकम जमा करने पर नियमित ब्याज मिलता है, जिसे मासिक, वार्षिक या मैच्योरिटी पर लिया जा सकता है। यही स्थिरता बुजुर्ग निवेशकों को मानसिक सुकून देती है। अक्सर सीनियर सिटीजन को FD पर मिलने वाले ब्याज से ज्यादा TDS कटने की चिंता रहती है।

नियम के मुताबिक, अगर किसी सीनियर सिटीजन को साल भर में बैंक FD से मिलने वाला ब्याज 1 लाख रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो बैंक उस पर TDS काटने के लिए बाध्य है। आम टैक्सपेयर्स के लिए यही सीमा कम होकर 40 हजार रुपये होती है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि TDS कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है।

FD के नियम

कई बार ऐसा होता है कि TDS कटने के बावजूद आपकी कुल आय टैक्स के दायरे में नहीं आती। ऐसे में जो रकम TDS के रूप में कटी है, उसे इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय रिफंड के रूप में वापस पाया जा सकता है। FD पर ब्याज से TDS कटना अपने आप में नुकसान नहीं है, अगर आपकी टैक्स देनदारी शून्य है।

अगर टैक्स रिफंड बनता है और उसमें देरी होती है, तो सरकार उस रिफंड पर ब्याज भी देती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी सीनियर सिटीजन की कुल आय 11 लाख रुपये है और वह नए टैक्स रिजीम में आते हैं, तो सेक्शन 87A के तहत 12 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं देना होता। ऐसे में FD से मिला ब्याज भी टैक्स फ्री सीमा में समायोजित हो सकता है और कटा हुआ TDS रिफंड बन जाता है।

TDS से बचने का आसान तरीका

अगर आपकी कुल टैक्सेबल इनकम सभी छूट और रिबेट के बाद टैक्स लिमिट से नीचे है, तो आप बैंक में फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं। यह फॉर्म देने के बाद बैंक आपके FD ब्याज पर TDS नहीं काटेगा। नए टैक्स रिजीम में यह सीमा 12 लाख रुपये और पुराने टैक्स रिजीम में 5 लाख रुपये तक मानी जाती है। बैंक हर ग्राहक की पूरी टैक्स स्थिति नहीं जानते। कानून के अनुसार, जब ब्याज तय सीमा से ऊपर जाता है, तो TDS काटना उनकी जिम्मेदारी होती है। इसलिए अगर आप टैक्स के दायरे में नहीं आते, तो फॉर्म 15H जमा करना सबसे समझदारी भरा कदम है।

अगर सही जानकारी और समय पर फॉर्म भर दिया जाए, तो सीनियर सिटीजन FD के सुरक्षित रिटर्न का पूरा लाभ बिना टैक्स टेंशन के उठा सकते हैं।

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