Kalashtami:- इस बार कालाष्टमी पर कई शुभ और मंगलकारी सहयोग बनते नजर आ रहे हैं। इस दौरान अगर आप काल भैरव देव की पूजा विधि विधान के साथ करते हैं तो आपको की कृपा अवश्य मिलेगी। कालाष्टमी हर महीने आती है। यह दिन भगवान शिव के रौद्र रूप काल भैरव को समर्पित होता है और इस दिन काल भैरव देव की पूजा होती है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक पूजा से जीवन के सभी दुख और संकट दूर होने लगते हैं। हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर कालाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन काल भैरव देव को समर्पित होता है। अगर आप इस दिन काल भैरव देव की आरती की स्तुति करते हैं तो आपके जीवन से सभी समस्याएं समाप्त होंगे और आपके बिगड़े हुए काम बनने लगेंगे।
श्री भैरव जी की आरती
सुनो जी भैरव लाडले, कर जोड़ कर विनती करूं
कृपा तुम्हारी चाहिए , में ध्यान तुम्हारा ही धरूं
मैं चरण छूता आपके, अर्जी मेरी सुन सुन लीजिए
मैं हूँ मति का मंद, मेरी कुछ मदद तो कीजिए
महिमा तुम्हारी बहुत, कुछ थोड़ी सी मैं वर्णन करूं
सुनो जी भैरव लाडले…
करते सवारी श्वानकी, चारों दिशा में राज्य है
जितने भूत और प्रेत, सबके आप ही सरताज हैं |
हथियार है जो आपके, उनका क्या वर्णन करूं
सुनो जी भैरव लाडले…
माताजी के सामने तुम, नृत्य भी करते हो सदा
गा गा के गुण अनुवाद से, उनको रिझाते हो सदा
एक सांकली है आपकी तारीफ़ उसकी क्या करूँ
सुनो जी भैरव लाडले…
बहुत सी महिमा तुम्हारी, मेहंदीपुर सरनाम है
आते जगत के यात्री बजरंग का स्थान है
श्री प्रेतराज सरकारके, मैं शीश चरणों मैं धरूं
सुनो जी भैरव लाडले…
निशदिन तुम्हारे खेल से, माताजी खुश होती रहें
सर पर तुम्हारे हाथ रखकर आशीर्वाद देती रहे
कर जोड़ कर विनती करूं अरुशीश चरणों में धरूं
सुनो जी भैरव लाड़ले, कर जोड़ कर विनती करूं।।
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