Home » बिजनेस » Indian Railways: ये है भारत का का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन, सैंकड़ों साल पुराना इतिहास!

Indian Railways: ये है भारत का का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन, सैंकड़ों साल पुराना इतिहास!

Indian Railways
Indian Railways

Indian Railways : भारतीय रेलवे सिर्फ एक परिवहन व्यवस्था नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। बता दें कि आजादी से पहले शुरू हुई यह सेवा अब दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में गिनी जाती है। गांव से महानगर तक, मजदूर से अफसर तक हर तबका रेलवे पर निर्भर है। रोजाना करोड़ों यात्री ट्रेनों से सफर करते हैं, मालगाड़ियां देश की अर्थव्यवस्था को गति देती हैं और स्टेशन शहरों की पहचान बन जाते हैं। इसी विशाल नेटवर्क में कुछ स्टेशन ऐसे हैं, जो आकार, भीड़ और इतिहास तीनों में मिसाल बन चुके हैं।

जब भारत के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन की बात होती है, तो नाम आता है पश्चिम बंगाल के हावड़ा जंक्शन का। कोलकाता मेट्रोपॉलिटन एरिया में स्थित यह स्टेशन सिर्फ एक ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि पूर्वी भारत का सबसे अहम रेलवे केंद्र है। प्लेटफॉर्म की संख्या, फैला हुआ परिसर और यात्री दबाव हर पैमाने पर हावड़ा देश में अव्वल माना जाता है।

Indian Railways हावड़ा

हावड़ा जंक्शन रोजाना दस लाख से ज्यादा यात्रियों को संभालता है। सुबह से देर रात तक यहां कदम रखने की जगह मुश्किल हो जाती है। दफ्तर जाने वाले लोग, लंबी दूरी के मुसाफिर, हावड़ा-बर्धमान लोकल पकड़ने वाली भीड़ सब एक ही छत के नीचे नजर आते हैं। यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों में शुमार किया जाता है। बता दें कि हावड़ा स्टेशन पर कुल 23 प्लेटफॉर्म हैं, जो एक साथ सैकड़ों ट्रेनों की आवाजाही को संभालते हैं। करीब 2 लाख 70 हजार वर्ग मीटर में फैला यह स्टेशन लगभग 66 एकड़ में फैला हुआ है। हर दिन 600 से ज्यादा ट्रेनें यहां आती-जाती हैं। यह स्टेशन कोलकाता क्षेत्र के पांच प्रमुख इंटरसिटी स्टेशनों में से एक है और पूर्वी भारत की रेल यातायात की रीढ़ माना जाता है।

ब्रिटिशकाल से जुड़ा इतिहास

हावड़ा स्टेशन का इतिहास ब्रिटिश दौर से जुड़ा है। साल 1849 में ईस्ट इंडियन रेलवे कंपनी और ईस्ट इंडिया कंपनी के बीच समझौता हुआ, जिसके तहत हावड़ा से रानीगंज तक रेल लाइन बिछाने की योजना बनी। शुरुआत में हुगली नदी के किनारे स्टेशन बनाने का विचार था, लेकिन बाद में हावड़ा को टर्मिनस चुना गया। 1852 में निर्माण के लिए टेंडर निकले, जिनकी लागत उस दौर में करीब दो लाख रुपये के आसपास थी।

1854 में शुरुआत

हावड़ा रेलवे स्टेशन ने 1854 में पहली बार यात्रियों का स्वागत किया। यह भारतीय रेलवे के शुरुआती बड़े स्टेशनों में शामिल था। इसके ठीक 100 साल बाद, यानी 1954 में, स्टेशन का इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ। इसके बाद यहां से चलने वाली ट्रेनों की रफ्तार और क्षमता दोनों में जबरदस्त इजाफा हुआ। समय के साथ हावड़ा जंक्शन ने खुद को बदला है। यहां अब नए प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, बेहतर सुविधाएं और आधुनिक सिस्टम जुड़े हैं। इसके बावजूद, इसकी ऐतिहासिक पहचान आज भी बरकरार है।

Read More : BSNL का नया सालाना प्लान, एक रिचार्ज और पूरे साल टेंशन खत्म; फटाफट करें चेक

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments
Will the middle class get relief from the first general budget of Modi 3.0?