झांसी से रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। सीबीआई ने जीएसटी के अफसर को झांसी में अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इन अफसरों पर टैक्स चोरी के मामले में रिश्वत मांगने का आरोप सिद्ध हुआ है। मामले में झांसी के घूसखोरी के चलते सीबीआई ने दो और कारोबारी जय अंबे प्लाईवुड फॉर्म के लोकेश तोलानी और जय दुर्गा हार्डवेयर फर्म के तेजपाल मंगतानी को प्राथमिक में नाम जड़ कर लिया है।
इसके साथ ही तीन अवसर जो की रिश्वतखोरी में पकड़े गए। इन सभी पांचो आरोपियों को गुरुवार को राजधानी स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। इन पांचों आरोपियों को 13 जनवरी तक न्याय खिलाफत में जेल भेजा गया है। वही इस मामले में शामिल अफसर को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ इन पर विभागीय कार्यवाही भी की जाएगी।
टैक्स चोरी के सुराग मिले
हाल ही में 18 दिसंबर को झांसी की जीएसटी टीम ने मेजर्स जय अंबे प्लाईवुड और मेजर्स जय दुर्गा हार्डवेयर के ऑफिस और गोदाम में छापा मारा जहां पर टैक्स चोरी के सुराग मिले हैं। सीबीआई को इस बात की भी जानकारी मिली कि दोनों ही फार्मो के संचालक ने वकील नरेश कुमार गुप्ता से मामले को दबाने को लेकर संपर्क किया था।
वकील को दिए 30 लाख रुपए
वकील की तरफ से अफसर से इस मामले को लेकर कॉन्टेक्ट किया गया था। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी ने मदद करने को लेकर उन्हें आश्वासन दिया जिसके बाद कारोबारी लोकेश तोलानी और राजू मंगतानी अधीक्षक अनिल तिवारी और अक्षय शर्मा से मिले। इसी दौरान तेजपाल मंगतानी के कहने पर राजू मंगतानी ने वकील को घुस के रूप में 30 लाख रुपए दिए। इस मामले की जानकारी के बाद में इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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