Paush Purnima 2026:- हर साल पौष पूर्णिमा के दौरान कई लोग प्रयागराज में त्रिवेणी संगम में स्नान करने जाते हैं। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस संगम में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं। ऐसे में अब साल 2026 शुरू होने जा रहा है। इसी दौरान 3 जनवरी से यहां माघ मेले का आयोजन किया जा रहा है जो की 15 फरवरी तक चलेगा। अब ऐसे में मैं स्नान के कई नियम है जिसको आपको जरूर जानना चाहिए और इन नियमों का पालन भी करना चाहिए। आइए इन नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
माघ मेले में नहाने के नियम
- माघ मेले में पहले दिन आपको स्नान करके व्रत का संकल्प ले लेना चाहिए। इसके बाद आपको रोजाना सूर्य उदय होने से पहले इस पवित्र संगम में रोजाना स्नान करना होगा।
- इस व्रत का संकल्प लेने के बाद पूरी अवधि के दौरान आपको सात्विक भोजन करना होगा और कोशिश करे अगर हो सके तो केवल एक समय ही भोजन करना है।
- इस व्रत का संकल्प लेने वाले लोगों को तला हुआ खाना जैसे – तेल और घी के साथ मक्खन मलाई, चीनी और मूली धनिया नहीं खाना चाहिए, क्योंकि यह वर्जित माने गए हैं।
- इस व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन जरूर करें।
- इस व्रत के दौरान आपको किसी भी तरह का झूठा और किसी को भी बुरा भला नहीं बोलना है साथ ही अपनी बुरी आदतें जैसे लालच और घृणा के साथ जलन को भी त्यागना होगा।
- व्रत के दौरान इन सब बातों और नियमों का अगर आप ध्यान रखते हैं तो आपको इस व्रत का बहुत अच्छा फल प्राप्त होगा।
त्रिवेणी संगम में स्नान का महत्व
त्रिवेणी संगम में अगर आप स्नान करते हैं तो आपके लिए बहुत खास साबित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस त्रिवेणी संगम में गंगा यमुना और सरस्वती तीनों ही नदियों का मिलन होता है और इस संगम में नहाने से सभी पाप धुल जाते हैं और जन्म मृत्यु के चक्र से मुक्ति मिल जाती है। इसलिए इस त्रिवेणी संगम स्नान का बहुत खास महत्व है।
Read More:- वास्तु के मुताबिक घर में देवी मां की तस्वीर किस दिशा में लगाए, जाने सही दिशा और नियम





