UP Panchayat Chunav 2026 : उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट के बीच मतदाता सूची को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। वर्ष 2025 के बाद कराए गए वृहद पुनरीक्षण ने राज्य की वोटर लिस्ट का स्वरूप ही बदल दिया है। इस प्रक्रिया में न सिर्फ लाखों नए नाम जुड़े हैं, बल्कि बड़ी संख्या में पुराने और अमान्य नाम भी हटाए गए हैं। इससे मतदाता सूची अब पहले से ज्यादा साफ, अपडेट और भरोसेमंद मानी जा रही है।
पुनरीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 12.69 करोड़ हो गई है। साल 2021 में यह आंकड़ा 12.29 करोड़ था। यानी चार साल के भीतर करीब 40.19 लाख नए मतदाता सूची में शामिल हुए हैं।
UP Panchayat Chunav 2026 : युवाओं की भागीदारी
इस बार की मतदाता सूची में सबसे खास बात युवाओं की भागीदारी रही। राज्य निर्वाचन आयुक्त राज प्रताप सिंह के अनुसार करीब 15 लाख ऐसे मतदाता जुड़े हैं, जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की उम्र पूरी की है। 18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या अब 1.05 करोड़ तक पहुंच गई है। जहां एक ओर नए मतदाता जुड़े, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में नाम सूची से हटाए भी गए। पुनरीक्षण के दौरान कुल 1.41 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इनमें वे नाम शामिल हैं जो दोहराव वाले थे, स्थान बदल चुके मतदाताओं के थे या फिर मृत्यु के कारण अमान्य हो गए थे।
घर-घर जाकर हुआ सत्यापन
निर्वाचन आयोग ने इस बार तकनीक और फील्ड वर्क का मिला-जुला इस्तेमाल किया। ईबीएलओ ऐप और गणना प्रपत्रों के जरिए घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन किया गया, ताकि सूची में शामिल हर नाम वास्तविक और पात्र मतदाता का ही हो। राज्य के सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) दिए गए हैं। निर्वाचन आयुक्त ने साफ किया कि यह नंबर हर मतदाता को सिर्फ एक बार ही मिलेगा। अगर किसी कारण से किसी का नाम सूची से हटाया जाता है, तो उसका एसवीएन हमेशा के लिए फ्रीज कर दिया जाएगा और किसी अन्य को नहीं दिया जाएगा। इससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाती है।
आपत्तियों का मौका
मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 23 दिसंबर को किया जाएगा। इसके बाद नागरिकों को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची 6 फरवरी को जारी की जाएगी। उत्तर प्रदेश में यह बदलाव आने वाले चुनावों की दिशा और दशा दोनों तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
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