Uttarakhand UK News : उत्तराखंड के पौड़ी जिले ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (एमएसवाई) के तहत इस वित्तीय वर्ष में संतोषजनक प्रदर्शन किया है। अब तक जिले ने अपने निर्धारित लक्ष्य का बड़ा हिस्सा पूरा कर लिया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पौड़ी ने 67.45 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल कर ली है, जिससे साफ है कि जिले में स्वरोजगार को लेकर रुचि लगातार बढ़ रही है। इस वित्तीय वर्ष में पौड़ी जिले को एमएसवाई के अंतर्गत 725 लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य दिया गया था।
इसके मुकाबले बैंकों ने अब तक 486 आवेदकों को योजना से जोड़ दिया है। खास बात यह रही कि तय लक्ष्य की तुलना में बैंकों ने 154 अतिरिक्त आवेदनों को स्वीकृति देकर लक्ष्य से आगे बढ़कर काम किया है।
UK: लीड बैंक रिपोर्ट से खुलासा
लीड बैंक की ताजा रिपोर्ट जिले में स्वरोजगार की तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 486 लोगों को बैंक ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे उनके स्वरोजगार के सपनों को नई दिशा मिली। इन लाभार्थियों को कुल 28.78 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया, जो जिले की आर्थिक गतिविधियों को गति देने में मददगार साबित हो रहा है। एमएसवाई के तहत, जिले के 21 बैंकों को कुल 862 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 464 आवेदनों को ही बैंक ऋण के लिए मंजूरी मिल सकी। हर आवेदन को स्वीकृति नहीं मिली। इसके बावजूद, स्वीकृत आवेदनों की संख्या यह दिखाती है कि योजना के प्रति युवाओं और स्थानीय लोगों में उत्साह बना हुआ है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा
एमएसवाई का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस राशि से युवा ब्यूटी सैलून, जिम और फिटनेस सेंटर, मोबाइल रिपेयरिंग शॉप, छोटे सर्विस सेंटर और अन्य स्वरोजगार के साधन स्थापित कर सकते हैं। इस योजना का असर सिर्फ व्यक्तिगत रोजगार तक सीमित नहीं है। स्वरोजगार के माध्यम से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। छोटे व्यवसाय शुरू होने से स्थानीय स्तर पर सेवाओं की उपलब्धता बढ़ी है और लोगों को अपने ही क्षेत्र में काम के अवसर मिल रहे हैं।
यूजीबी सबसे आगे
लीड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, एमएसवाई के तहत सबसे अधिक लाभार्थियों को योजना से जोड़ने वाला बैंक यूजीबी रहा। यूजीबी को 230 आवेदन मिले थे, जिनमें से 142 को स्वीकृति दी गई। यूजीबी के बाद एसबीआई दूसरे स्थान पर रहा। एसबीआई को 234 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 138 को ऋण स्वीकृत किया गया। जिला सहकारी बैंक ने 140 आवेदनों में से 95 को योजना का लाभ दिया। पीएनबी ने 56 में से 36 और कैनरा बैंक ने 59 में से 35 आवेदनों को मंजूरी दी।
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