हम अक्सर जब घर से बाहर जाते हैं लेकिन जब घर पर लौटते हैं तो घर में पैर धोकर ही प्रवेश करते हैं। ऐसा इसीलिए किया जाता है क्योंकि घर के बाहर से आने पर कई नकारात्मक ऊर्जाएं हमारे साथ आ सकती है इसीलिए घर में प्रवेश करने से पहले पैर धोए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंदिर से लौटने पर पर क्यों नहीं धोए जाते हैं? जी हां मंदिर से लौटने पर पर नहीं धोए जाते क्योंकि मंदिर से लौटने के बाद हमारे शरीर पर पवित्र ऊर्जा चिपकी हुई होती है। इसीलिए मंदिर से आने पर पैर नहीं धोए जाते हैं। हिंदू धर्म में मंदिर से आने पर पैर धोना गलत माना जाता है। ऐसा करने से सकारात्मक ऊर्जा और सभी पुण्य नष्ट हो जाते हैं।
मंदिर की सकारात्मक ऊर्जा
मंदिर से लौटने पर हमारे शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और यह ऊर्जा हमारे पैरों में चिपक जाती है। अगर आप घर पर आकर पैर धो देते हैं तो पानी के साथ यह ऊर्जा बहा कर चली जाती है। अगर आप मंदिर से आकर शांति से बैठते हैं तो सुख और शांति महसूस होती है।
पुण्य और पूजा का फल
मंदिर मैं जाने से पुण्य मिलता है जो की बहुत कीमती होता है। अगर आप घर पर आकर तुरंत हाथ पैर धो लेते हैं तो यह पुण्य कम हो जाता है। इसीलिए आपको मंदिर से आकर तुरंत हाथ पैर नहीं धोने चाहिए। इससे पुण्य और पूजा का फल दोनों ही नष्ट हो जाता है। इस बात का खास ध्यान रखें कि अगर आप ऐसा करते हैं तो आपकी मनोकामना पूर्ण होने में दिक्कत जा सकती है।
वास्तु के मुताबिक है अशुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर से लौटने के बाद में तुरंत हाथ पैर धोना बेहद अशुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा और सुख समृद्धि पर प्रभाव पड़ता है, साथ ही कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए मंदिर से आकर हाथ-पैर बिल्कुल ना धोए।
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