Haldwani Case:- उत्तराखंड के हल्द्वानी में अतिक्रमण का मामला आग पकड़ रहा है। अतिक्रमण को लेकर 50000 से ज्यादा लोग अतिक्रमण के इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फैसले पर 50000 से अधिक लोगों की जिंदगी टिकी हुई है। हल्द्वानी में अतिक्रमण के मामले पर पिछली सुनवाई 14 नवंबर 2025 को हुई थी और अब आने वाली सुनवाई 16 दिसंबर को हो सकती है। ऐसे में यहां पर कई लोग है जो इस फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
जिसमें 28 वर्षीय मोहम्मद अमन अंसारी का कहना है कि हमें फैसले का इंतजार है। वही 65 वर्षीय जुबेदा ने कहा कि “हमारे गले पर तलवार लटकी हुई है” “लेकिन यह लोग हमें जाने के लिए कहेंगे तो हम चले जाएंगे” क्योंकि सरकार से कौन लड़ सकता है? लेकिन उनका कहना है कि हमें सुप्रीम पर पूरा भरोसा है कि वह हमें बेदखल नहीं होने देंगे।
लंबे समय से चल रहा विवाद
राज्य सरकार और भारतीय रेलवे के बीच यह विवाद बहुत ही लंबे समय से चल रहा है। इस विवाद के बीच लगभग 4365 ढांचे फंसे हुए हैं। यहां पर लगभग निवास करने वाले 50000 लोगों का कहना है कि उनके पास अवैध कब्जे को साबित करने वाले दस्तावेज मौजूद है। यह लगभग 2.2 किलोमीटर जमीन है जहां पर लोग निवास करते हैं। इतना ही नहीं यहां पर कई बस्तियां और कई इमारतें भी शामिल है। जिसमें स्कूल और सरकारी अंतर-विद्यालय भी शामिल है।
रेलवे का दावा
रेलवे द्वारा हाई कोर्ट को नोटिस जारी किया गया है जिसमें वह दावा कर रहे हैं कि उनके पास अतिक्रमण के कारण नई लाइन बिछाने के लिए जगह नहीं बची है। हल्द्वानी में इस अतिक्रमण वाली जगह पर निवास करने वाले कुछ निवासियों के पास 1968 के पट्टे के दस्तावेज मौजूद है। जिसमें से अब कुछ की अवधि समाप्त हो गई है तो वहीं कुछ को सरकारी स्थानीय निकाय के मंजूरी से फ्रीहोल्ड संपत्ति में बदल दिया गया है।
अतिक्रमण का मामला
अतिक्रमण का यह मामला सुप्रीम कोर्ट में सालों से चल रहा है। जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में इसका फैसला 16 दिसंबर को होने वाला है। ऐसे में अब लगभग 5000 लोगों का जीवन इस सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निर्भर करता है।
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