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Mehandipur Balaji Temple: मेहंदीपुर बालाजी महाराज को लगता है लड्डू का भोग, प्रसाद घर लाकर खाना है वर्जित!

Mehandipur Balaji Temple
Mehandipur Balaji Temple

Mehandipur Balaji Temple : राजस्थान के दौसा जिले में बसा मेहंदीपुर बालाजी मंदिर देश के उन गिने-चुने धार्मिक स्थलों में शामिल है, जिनका नाम सुनते ही श्रद्धा के साथ-साथ रहस्य का भाव भी मन में जाग उठता है। यह मंदिर सिर्फ पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां आने वाले लोग इसे अपनी परेशानियों से मुक्ति की आखिरी उम्मीद मानते हैं। देश ही नहीं, विदेशों से भी लोग यहां पहुंचते हैं। कहा जाता है कि जहां तंत्र-मंत्र, दवाएं और इलाज काम नहीं आते, वहां मेहंदीपुर बालाजी की शरण में लोगों को सुकून मिलता है।

मेहंदीपुर बालाजी मंदिर बाकी मंदिरों से काफी अलग है। यहां आने वाले अधिकतर लोग किसी न किसी मानसिक, शारीरिक या अदृश्य पीड़ा से परेशान होते हैं। मान्यता है कि यहां की विशेष पूजा और कीर्तन से नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।

Mehandipur Balaji Mandir : घने जंगलों के बीच प्रकट हुआ चमत्कार

बता दें कि आज जहां पर यह मंदिर स्थित है, वहां कभी घना जंगल हुआ करता था। चारों ओर सन्नाटा, जंगली जानवर और दो पहाड़ियों के बीच फैला निर्जन इलाका। मान्यता है कि सैकड़ों साल पहले इसी स्थान पर बालाजी का दिव्य प्राकट्य हुआ था। यह प्रतिमा किसी मूर्तिकार की बनाई नहीं मानी जाती, बल्कि स्वयं प्रकट हुई बताई जाती है। मंगलवार और शनिवार को यहां का दृश्य बिल्कुल अलग होता है। मंदिर परिसर में गूंजते मंत्र, कीर्तन और भक्तों की आवाजें माहौल को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। इसके अलावा, कई बार लोग अजीब व्यवहार करते भी नजर आते हैं, जिसे श्रद्धालु बालाजी की कृपा से जुड़ा मानते हैं।

बाल रूप में विराजमान हनुमान

यहां हनुमान बाल रूप में पूजे जाते हैं। सुबह-शाम आरती होती है और चोला चढ़ाया जाता है। भोग में लड्डू अर्पित किए जाते हैं, लेकिन यहां एक खास नियम है कि प्रसाद घर नहीं ले जाया जाता। मान्यता है कि प्रसाद वहीं ग्रहण करना चाहिए। मेहंदीपुर बालाजी मंदिर में दर्शन से पहले कुछ नियमों का पालन बेहद जरूरी माना जाता है। कहा जाता है कि दर्शन से करीब एक सप्ताह पहले से प्याज, लहसुन, मांस और शराब से दूरी बना लेनी चाहिए। साथ ही संयम और ब्रह्मचर्य का पालन भी जरूरी बताया जाता है। मंदिर से कोई भी खाने की चीज, प्रसाद या वस्तु घर ले जाने की सख्त मनाही है। भक्तों का मानना है कि इन नियमों का पालन करने से ही दर्शन का पूरा फल मिलता है।

Note: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। headlinesindianews.com इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है।

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