Saphala Ekadashi:- सफला एकादशी का हिंदू धर्म में बहुत ही खास महत्व है इस एकादशी को हर साल मनाया जाता है। सफला एकादशी हर साल पौष मास के कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि को मनाई जाती है। सफला एकादशी पर आपको कुछ नियमों का पालन करना होता है। सफला एकादशी हर साल बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा पाठ की जाती है। इस एकादशी पर आप भगवान विष्णु की पूजा पाठ विधि विधान से करते हैं तो भगवान विष्णु प्रसन्न होकर आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। लेकिन आपको कुछ बातों का खास ध्यान रखना होता है इस के बारे में विस्तार से जान लेते हैं।
सफला एकादशी पर क्या नहीं करना चाहिए?
सफला पर गलती से भी घर में किसी पर क्रोध न करें ऐसा करना व्रत के पुण्य को नष्ट करता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस दिन किसी की बुराई ना करें किसी के साथ झगड़ा ना करें इससे आपके व्रत का पुण्य बना रहे।
- सफला एकादशी के दिन गलती से भी दिन के समय सोने की गलती ना करें क्योंकि व्रत में सोना आपका व्रत के पुण्य को नष्ट करता है।
- सफला एकादशी के दिन गलती से भी मांस मदिरा का सेवन न करें किसी भी प्रकार के तामसिक भोजन का सेवन करना इस व्रत को खंडित कर देता है।
- सफला एकादशी के दिन चावल बनाने की गलती ना करें और ना ही इसे खाने की गलती करें।
सफला एकादशी के दिन क्या करना चाहिए?
- सफला एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।
- सफला एकादशी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु की पूजा पाठ करनी चाहिए और ध्यान लगाना चाहिए।
- सफला एकादशी के दिन रात्रि और दिन में भगवान विष्णु का ध्यान करना चाहिए और उनके मित्रों का जाप करना चाहिए।
- सफला एकादशी के दिन सुबह उठकर व्रत पारण करने के दिन जल्दी स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा पाठ करनी चाहिए।
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