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एविएशन मिनिस्टर K. Rammohan Naidu का संसद में बड़ा बयान, किराए पर पूरे साल कैप लगाना संभव नहीं

K. Rammohan Naidu
K. Rammohan Naidu

Civil Aviation Minister K. Rammohan Naidu : त्योहारों के सीजन में आसमान छूती फ्लाइट (एविएशन मिनिस्टर) टिकटों की कीमतों से आम लोग परेशान हैं। सोशल मीडिया से लेकर संसद तक इसकी चर्चा हो रही है। इसी बीच केंद्र सरकार की तरफ से साफ कर दिया गया है कि पूरे साल के लिए हवाई किरायों पर कोई तय सीमा (कैप) लगाना संभव नहीं है। सरकार का कहना है कि हवाई किराए मौसम और मांग के हिसाब से बदलते हैं, इसलिए पूरे 12 महीने एक जैसा दाम रखना व्यवहारिक नहीं है।

लोकसभा में नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने बताया कि त्योहारों, छुट्टियों या किसी भी ऐसे समय में जब लोग ज्यादा यात्रा करते हैं, टिकटों की कीमतें अपने आप ऊपर चली जाती हैं। यह एयरलाइन इंडस्ट्री का पुराना पैटर्न मांग बढ़ेगी तो किराया भी बढ़ेगा है। इसलिए सरकार पूरे साल के लिए कोई फिक्स रेट नहीं तय कर सकती।

एविएशन मिनिस्टर: पहला फोकस

मंत्री ने बताया कि मंत्रालय का यात्रियों को ज्यादा विकल्प देना पहला फोकस है। भीड़ वाले दिनों में एयरलाइंस को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी उड़ानों की संख्या बढ़ाएं। इससे एक तरफ यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और दूसरी तरफ अचानक बढ़ी मांग का दबाव भी थोड़ा कम होगा। उन्होंने कहा कि हर साल त्योहारी सीजन में कई लोकप्रिय रूट जैसे मुंबई-दिल्ली, दिल्ली-पटना, बेंगलुरु-कोलकाता पर टिकटें तेजी से महंगी हो जाती हैं। इसे देखते हुए एयरलाइंस को कहा गया है कि ऐसे रूटों पर ज्यादा फ्लाइटें जोड़ें, ताकि सीटों की संख्या बढ़े और किराया संतुलित रहे।

एविएशन मिनिस्टर: IndiGo की दिक्कतें

हाल ही में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo को परिचालन समस्याओं के कारण अपना शेड्यूल घटाना पड़ा था। इससे भी कई रूटों पर टिकटों के दाम बढ़ गए थे। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार लगातार एयरलाइंस के संपर्क में है और उन्हें उड़ान क्षमता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य सिर्फ इतना है कि हवाई यात्रा लोगों की पहुंच में बनी रहे। इसके लिए एयरलाइंस को नई उड़ानें जोड़ने, रूट बढ़ाने और सुरक्षा नियमों के साथ ऑपरेशन को मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने दो टूक कहा कि हवाई किराया पूरी तरह मांग और सप्लाई पर चलता है। इसे स्थिर रखना संभव नहीं है, लेकिन त्योहारों में टिकटें बेकाबू न हों, इसके लिए व्यवस्था मजबूत की जा रही है, जिसमें ज्यादा उड़ानें, ज्यादा रूट और बेहतर मॉनिटरिंग है। फिलहाल, यात्रियों की उम्मीद यही है कि पीक सीजन में जो फ्लाइटें जोड़ी जाएंगी, उससे टिकटों की जेब कटौती कुछ कम हो सकेगी। विमानन मंत्रालय का भी यही प्रयास है कि यात्रा महंगी जरूर हो, लेकिन अत्यधिक महंगी न हो।

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